नीमच। भारत का संविधान हमारे देश की आत्मा है। संविधान ने भारत के नागरिकों को लोकतांत्रिक पद्धति से जीने का अधिकार दिया। यह बात प्रोफेसर हीर सिंह राजपूत ने भारतीय संविधान का महत्व विषय पर व्याख्यान देते हुए कही। वे आज सीताराम जाजू शासकीय कन्या महाविद्यालय की छात्राओं से संविधान के बारे में विस्तार से जानकारी दे रहे थे।
राजपूत ने बताया कि भारत के संविधान का 75 वर्ष का सफर है। हमारे देश के साथ-साथ कई और देश भी आजाद हुए। वहां भी संविधान बना किंतु अन्य देशों की तुलना में हमारा संविधान अधिक लोकतांत्रिक और जीवंत है। उन्होंने कॉलेज के स्टूडेंट्स को सलाह दी कि भारतीय संविधान को अवश्य पढ़ें। प्रोफेसर हीर सिंह राजपूत ने अपने व्याख्यान में भारतीय संविधान के 25 भाग, मूलभूत अधिकार, नीति निर्देशक तत्व और मूल कर्तव्य के बारे में बताया।
बताते चलें कि भारत का संविधान 26 नवंबर 1949 में पूर्ण हुआ और 26 जनवरी 1950 में लागू हुआ, 1976 में मूल कर्तव्य जोड़े गए। व्याख्यान के दौरान प्राचार्य एनके डबकरा, कॉलेज के प्रोफेसर एवं समस्त छात्राएं उपस्थित रही।