शाजापुर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं मप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के द्वारा प्रेषित कार्य योजना वर्ष 2022-23 के पालन में 24 से 31 दिसम्बर 2023 तक जिले में राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जा रहा है। जिसके अनुक्रम में सामुदायिक विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान लालघाटी में प्रात: 11 बजे से शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला विधिक सेवा प्रधिकरण के सचिव एवं जिला न्यायाधीश राजेन्द्र देवड़ा द्वारा स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यापर्ण एवं दीप प्रज्जवलित कर किया गया।
देवड़ा ने युवा प्रतिभागियों को विधिक सेवा एवं कानून की विभिन्न धाराओं के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि किस प्रकार व्यक्ति कानून तोड़कर नही अपितु कानून की सहायता पाकर अपने आप को सुरक्षित कर सकता है। उन्होंने पाक्सो एक्ट से लेकर एससी/एसटी एक्ट के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि प्रत्येक युवा को अपने अधिकारों के बारे में जानकारी होना चाहिए।
इसी श्रंखला में उक्त शिविर के उपरांत दोपहर 02 बजे से राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त तत्वाधान में शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय क्रमांक-1 के नवीन बहुउद्देशीय हाल शाजापुर में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन राजेंद्र देवड़ा सचिव एवं जिला न्यायाधीश जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मुख्य आतिथ्य किया गया। शिविर की शुरूआत माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर कन्याओं का पूजन कर की गई।
इस दौरान देवड़ा ने संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान में देश की बेटियां हर क्षेत्र में अहम भूमिका निभा रही हैं। एक समय ऐसा था, जब बेटियों को गर्भ में ही मरवा दिया जाता था तथा बेटियों का जन्म हो भी गया तो बाल विवाह कर दिया जाता था। बेटियों के साथ भेदभाव और उनके साथ होने वाले अत्याचार से बचाव के लिए कानून बनाए गए। इस अवसर पर बालिका दिवस के महत्व के साथ-साथ उनके अधिकारों से बालिकाओं को अवगत कराया गया। शिविर के दौरान उपस्थित बालिकाओं को बेटी बचाओ-बेटी पढाओ, डाकन प्रथा, कन्या भ्रूण हत्या, बाल विवाह आदि निरोधक कानूनों के बारे में जानकारी प्रदान की गई। बालिकाओं को बताया गया कि उक्त सभी कानूनों और विधिक प्रावधानों को केवल इसलिए तैयार किया गया है ताकि महिलाओं को सशक्त किया जा सके और समाज में उचित स्थान प्रदान किया जा सके। बालिकाओं के साथ हो रहे किसी भी प्रकार के अत्याचार के लिए वे आवाज उठा सकती हैं और इस कार्य के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, शाजापुर का भी सहयोग लिया जा सकता है।
शिविर में इस अवसर पर उपस्थित जिला पंचायत सीईओ मंजूषा विक्रांत राय ने अपने उद्बोधन में कहा कि बालिकाएं देश का सम्मान होती हैं आज महिलाएं देश के अति महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर देश के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहीं है भारतीय संविधान ने बालिकाओं को सम्मानीय जीवन यापन करने हेतु शिक्षा, सम्पत्ति, समान कार्य समान वेतन जैसे कई क्षेत्रों में विभिन्न अधिकार प्रदान किए है। बालिकाएं अगर शुरू से ही अपना लक्ष्य निर्धारित कर लें तो युवावस्था में होने वाले भटकाव जो अंधकार भरे जीवन की ओर ले जाती है उनसे बचा जा सकता है तथा ये माता-पिता, बडों का कर्तव्य है कि बालिकाओं को बचपन से ही उन्हें गुड टच बैड टच के बारे में बताएं तथा ऐसी स्थिति आने पर विरोध किया जाना आवश्यक है। अग्रणी बैंक प्रबंधक ललित आचार्या द्वारा बालिकाओं को बताया गया कि अपने माता-पिता के मोबाईल में गेम डाउनलोड करते समय लिंक पर क्लिक करने पर कई बार धोखा धडी हो जाती है इससे सावधान रहने ओर सजग रहने की अपील की।
शिविर के अंत में विद्यालय की छात्राओं को राज्य स्तर पर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिता एवं गतिविधियों में अव्वल आई बालिका को रजत पद प्राप्त करने के उपलक्ष्य में स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया और महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लाडली लक्ष्मी योजना एवं सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत 06 हितग्राहियों को प्रमाण पत्र भी मुख्य अतिथियों द्वारा प्रदान किए गए
इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग नीलम चौहान, जिला उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक मेघा सुमन, विद्यालय के प्राचार्य विजया सक्सेना, अग्रणी बैक प्रबन्धक ललित आचार्य उपस्थित थे। शिविर का संचालन पर्यवेक्षक अमीता माथुर ने किया।