भोपाल। राजधानी भोपाल में त्योहारी सीजन के दौरान बीजेपी की ओर से निकाली जा रही ‘अराजकता हटाओ, लोकतंत्र बचाओ’ पदयात्रा को लेकर सियासत गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बीजेपी पर निशाना साधा और उसके दोहरे रवैये पर सवाल उठाए।
उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि दिल्ली में कांग्रेस की महारैली के दौरान बीजेपी नेताओं ने व्यापारियों के कारोबार प्रभावित होने की चिंता जताई थी, लेकिन अब वही बीजेपी त्योहारी सीजन में भोपाल के मुख्य बाजारों और व्यस्त रास्तों से पदयात्रा निकाल रही है। उन्होंने कहा कि इससे व्यापारियों के कारोबार, आम लोगों की आवाजाही और स्कूली बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है।
सिंघार ने दावा किया कि पदयात्रा के कारण कई स्कूलों में छुट्टी तक घोषित करनी पड़ी है। उन्होंने सवाल उठाया कि राजनीतिक कार्यक्रमों का असर बच्चों और आम नागरिकों पर क्यों पड़े? साथ ही सरकार से पूछा कि जब दिल्ली में व्यापारियों की परेशानी की चिंता जताई जा रही थी, तो भोपाल के व्यापारियों की दिक्कतों को नजरअंदाज क्यों किया जा रहा है?
बालाघाट, भागीरथपुरा, सागर और देवास की घटनाओं का उठाया मुद्दा
नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था और हालिया घटनाओं को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि बीजेपी के नेता और मंत्री पदयात्रा निकालने के बजाय बालाघाट, भागीरथपुरा, सागर और देवास जाकर प्रभावित लोगों की सुध लेते, जहां उनके मुताबिक सरकारी अव्यवस्था और लापरवाही के कारण लोगों की जान गई है।
उमंग सिंघार ने बीजेपी की पदयात्रा के समय और मार्ग को लेकर सवाल उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा है। उनके बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज होने के आसार हैं।