सरवानिया महाराज। त्योहारों की दस्तक के साथ ही सरवानिया महाराज के मुख्य बाजार में यातायात व्यवस्था की समस्या एक बार फिर गंभीर होती नजर आ रही है। नगर के प्रमुख मार्ग नीमच-सिंगोली रोड पर सुबह से देर रात तक वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में अव्यवस्थित पार्किंग और यातायात प्रबंधन की कमी के चलते दिन में कई बार जाम की स्थिति बन जाती है। हैरानी की बात यह है कि इसी मुख्य मार्ग पर पुलिस चौकी भी स्थित है, इसके बावजूद स्थानीय लोगों का आरोप है कि यातायात व्यवस्था को लेकर प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आती।
जाम की स्थिति बनने पर कई बार स्थानीय व्यापारी, रहवासी और राहगीर स्वयं आगे आकर वाहनों को व्यवस्थित करवाते हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब मुख्य बाजार में रोजाना यातायात बाधित हो रहा है, तो जिम्मेदार विभाग की ओर से स्थायी समाधान के प्रयास कब किए जाएंगे?
दरवाजा से मंशापूर्ण महादेव तक थमता है जनजीवन
मुख्य बाजार में यातायात की समस्या किसी एक स्थान तक सीमित नहीं है। दरवाजा, पिपली चौक, जावी चौराहा, बस स्टैंड और अमृतलाल पाटीदार गली से लेकर मंशापूर्ण महादेव मंदिर तक कई स्थानों पर जाम की स्थिति बनती है। त्योहारों और कृषि सीजन के चलते बाजार में वाहनों की आवाजाही बढ़ गई है। ऐसे में दिन में कई बार लगने वाले जाम से आमजन, दुकानदारों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इस अव्यवस्था का असर स्थानीय व्यापार पर भी पड़ने की बात सामने आ रही है। स्थानीय दुकानदारों के अनुसार, बाजार में जाम और पार्किंग की समस्या के कारण आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले ग्राहकों को परेशानी होती है। कई उपभोक्ता बाजार में रुकने के बजाय दूसरे शहरों का रुख कर लेते हैं, जिससे व्यापार प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है।
सड़क किनारे अव्यवस्थित पार्किंग बनी जाम की बड़ी वजह
मुख्य मार्ग के दोनों ओर दोपहिया और चारपहिया वाहनों की आड़ी-तिरछी पार्किंग के कारण सड़क पर आवागमन के लिए जगह कम रह जाती है। कई बार सड़क का बड़ा हिस्सा पार्किंग में घिर जाने से वाहनों की आवाजाही बाधित होती है और देखते ही देखते जाम लग जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्धारित पार्किंग व्यवस्था लागू की जाए और सड़क किनारे बेतरतीब वाहन खड़े करने वालों पर कार्रवाई हो, तो समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।
क्या किसी बड़े हादसे के बाद जागेगा प्रशासन?
स्थानीय रहवासियों का कहना है कि मुख्य बाजार में रोजाना जाम की स्थिति बनने के बावजूद अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। लोगों ने सवाल उठाया है कि यदि कभी इसी जाम में एम्बुलेंस फंस जाए या किसी आपात स्थिति में मरीज को समय पर अस्पताल पहुंचाने में देरी हो जाए, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
लोगों की मांग है कि पुलिस और प्रशासन संयुक्त रूप से बाजार का निरीक्षण कर यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए ठोस कदम उठाएं। मुख्य मार्ग पर अव्यवस्थित पार्किंग पर नियंत्रण, आवश्यक स्थानों पर यातायात कर्मियों की तैनाती और निर्धारित पार्किंग स्थल की व्यवस्था की जाए, ताकि त्योहारों के दौरान आमजन को राहत मिल सके। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या के समाधान के लिए कब ठोस पहल करते हैं।