इंदौर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक बुधवार को समाप्त हो गई। डेली कॉलेज में 2 नवंबर से चल रही बैठक में देशभर से करीब 400 प्रतिनिधि शामिल हुए। समापन के बाद सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने आरक्षण, कृष्ण जन्मभूमि, संघ के रजिस्ट्रेशन और संगठन विस्तार से जुड़े सवालों के जवाब दिए।
आरक्षण पर होसबाले ने कहा कि समाज में जो वर्ग पिछड़े हैं, उनके लिए आरक्षण की व्यवस्था बनी रहनी चाहिए। कृष्ण जन्मभूमि समेत अदालतों में चल रहे मंदिरों के मामलों पर उन्होंने कहा, 'हमें राम मंदिर बनाकर दिखाना था, वह हमने बना दिया। बाकी मामले कोर्ट में चल रहे हैं, उन्हें वहीं रहने देना चाहिए।'
पहले बंगाल में शाखाएं लगाने पर विरोध का सामना करना पड़ता था
पश्चिम बंगाल में संघ की शाखाओं की संख्या में पहले की तुलना में डेढ़ सौ गुना बढ़ोतरी हुई है। होसबाले ने कहा कि पहले वहां शाखाएं लगाने में विरोध का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब राजनीतिक परिस्थितियां बदलने से परेशानी नहीं होती। कम आबादी और हिंदुओं की संख्या वाले क्षेत्रों में भी शाखाएं शुरू की जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि शताब्दी वर्ष के दौरान एक साल में संघ की पहुंच 10,241 नए स्थानों तक बढ़ी है। वर्तमान में देश के 63,208 स्थानों पर 99,423 शाखाएं संचालित हो रही हैं। इसके अलावा 34,982 साप्ताहिक मिलन और 14,096 मासिक मंडलियां भी चल रही हैं। इन गतिविधियों के जरिए संघ की पहुंच कुल 1,03,397 स्थानों तक हो गई है।
सामाजिक एकता और समरसता के लिए देशभर में 94,218 हिंदू सम्मेलन भी आयोजित किए गए। संघ के मुताबिक, इनमें करीब पांच करोड़ लोगों ने भाग लिया।
नशे के शिकार युवाओं की काउंसलिंग करेगा संघ
होसबाले ने कहा कि युवाओं को नशे से बचाने के लिए संघ विशेष योजना बनाएगा। जो युवा ड्रग्स और नशे की गिरफ्त में आ चुके हैं, उनकी काउंसलिंग भी की जाएगी। बैठक में इस दिशा में काम करने पर चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना जरूरी है।
उन्होंने बताया कि नवंबर-दिसंबर में संघ के प्रांतों में संघचालकों का निर्वाचन और नई कार्यकारिणी का गठन होगा। इसके बाद देशभर के 88 संभागों में संगठन के काम की योजना तैयार की जाएगी।
बाढ़-चक्रवात प्रभावित 42 हजार परिवारों तक पहुंचाई मदद
होसबाले ने संघ के सेवा कार्यों की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि असम के शिवसागर और जोरहाट जिलों में 1600 से अधिक स्वयंसेवकों ने करीब 42,200 परिवारों तक भोजन, पानी और दवाइयां पहुंचाईं। बाढ़ से 805 गांव प्रभावित हुए थे और 1500 से अधिक मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे। करीब 150 परिवारों को मकानों के पुनर्निर्माण के लिए सामग्री भी दी गई।
ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में चक्रवात से मकानों, फसलों और पशुधन को नुकसान पहुंचा। कई जगह नारियल के हजारों पेड़ उखड़ गए और चार-पांच दिन तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। स्वयंसेवकों ने मछुआरों और किसानों की मदद भी की।
रजिस्ट्रेशन पर बोले- समाज के अंग हैं, कानून के हिसाब से काम कर रहे
संघ के रजिस्ट्रेशन पर सवाल के जवाब में होसबाले ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समाज का अंग है। ऐसे कई संगठन हैं, जिनका पंजीयन नहीं है। संघ समाज के कल्याण और देश के कानून के हिसाब से काम कर रहा है।
शिक्षा, समाजसेवा और संगठन विस्तार पर भी चर्चा
होसबाले ने समाजसेवी महापुरुषों के कार्यों को आगे बढ़ाने की जरूरत बताई। बैठक में संघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों और समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंच बढ़ाने पर चर्चा हुई। इसके अलावा युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति, Gen-Z के बदलते रुझान, शिक्षा के क्षेत्र में विद्या भारती की भूमिका और विदेशों में संघ के काम के विस्तार जैसे विषय भी शामिल रहे।