भोपाल। मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ता (डीए) बढ़ाने की घोषणा के बाद भी राहत का इंतजार खत्म नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 2 प्रतिशत डीए बढ़ाने की घोषणा के बाद वित्त विभाग ने 30 अक्टूबर को आदेश भी जारी कर दिए, लेकिन कर्मचारियों को बढ़ा हुआ डीए वेतन के साथ नहीं मिल सका। अब दिवाली से पहले एरियर की पहली किस्त मिलने की उम्मीद भी IFMIS विंडो बंद होने के कारण अटकती नजर आ रही है।
दरअसल, डीए बढ़ोतरी के आदेश जारी होने से पहले ही अक्टूबर महीने के वेतन बिल कोषालय में जमा हो चुके थे। ऐसे में कर्मचारियों को बढ़े हुए डीए का लाभ वेतन के साथ नहीं मिल पाया। वहीं आईएफएमआईएस विंडो बंद होने से भुगतान संबंधी बिल भी कोषालय में नहीं लगाए जा पा रहे हैं।
वित्त विभाग के आदेश के अनुसार 30 सितंबर तक की अवधि के बढ़े हुए डीए का एरियर नवंबर, दिसंबर और जनवरी 2027 में तीन किस्तों में दिया जाना है। वहीं अक्टूबर महीने का बढ़ा हुआ डीए नवंबर के वेतन के साथ मिलने का प्रावधान है। इसके बावजूद प्रदेश के करीब 12 लाख कर्मचारी और पेंशनर्स को अब तक बढ़े हुए डीए और एरियर का भुगतान नहीं हो सका है।
तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने बताया कि वित्त विभाग के आदेश के अनुसार कर्मचारियों और पेंशनर्स को 10 महीने का एरियर दिया जाना है। इसकी पहली किस्त नवंबर में मिलनी है, लेकिन कोषालय में भुगतान के लिए आईएफएमआईएस विंडो बंद होने से प्रक्रिया अटकी हुई है।
तिवारी ने मांग की है कि प्रदेश के सभी कोषालयों में 6 नवंबर तक IFMIS विंडो खोली जाए, ताकि एरियर की पहली किस्त का भुगतान दिवाली से पहले हो सके। कर्मचारियों का कहना है कि त्योहार के समय मिलने वाली यह राशि उनके लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है। अब देखना होगा कि सरकार और वित्त विभाग इस मांग पर कब तक निर्णय लेते हैं।