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November 4, 2026, 3:17 pm
KHABAR : किसानों को चंबल नहर से मिलेगा पानी, सरसों-गेहूं की सिंचाई की तैयारी, नवंबर के दूसरे सप्ताह से शुरू होगी जलापूर्ति, पढे़ खबर

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भिंड। रबी सीजन में सरसों और गेहूं की फसलों की सिंचाई के लिए किसानों को चंबल नहर से पानी मिलेगा। जल संसाधन विभाग ने वर्ष 2026-27 में जिले के 50,500 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में सिंचाई कराने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए बीएमसी नहर की कच्ची शाखाओं और उपशाखाओं की सफाई युद्धस्तर पर कराई जा रही है। कुल 78.18 किलोमीटर लंबी नहर में जेसीबी, ट्रैक्टर और श्रमिकों की मदद से सफाई का काम चल रहा है। विभाग ने नवंबर के दूसरे सप्ताह से नहरों में पानी छोड़ने की तैयारी की है।


नहरों से हटाया जा रहा कचरा
बारिश के दौरान नहरों में जमा हुई घास-फूस, लकड़ियां, प्लास्टिक की बोतलें और अन्य कचरा हटाया जा रहा है। इसका उद्देश्य पानी के बहाव को सुचारू रखना है, ताकि मुख्य नहर से लेकर अंतिम छोर तक पानी पहुंचने में रुकावट न आए। विभाग पहले नहरों की सफाई पूरी करेगा, इसके बाद निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सहायक नहरों में पानी छोड़ा जाएगा।


13 क्षेत्रों में फैला नहरों का जाल
बीएमसी नहर प्रणाली गोरमी, मेहगांव, धनोली, बरहद, सोनी, अकलोनी, अटेर, जवासा, पुर, भिण्ड, दबोहा, जामना और अकोड़ा क्षेत्र तक फैली हुई है। इन क्षेत्रों के किसानों को मुख्य रूप से सरसों और गेहूं की सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाएगा। जल उपयोगिता समिति की बैठक में नवंबर के दूसरे सप्ताह से जलापूर्ति शुरू करने का कार्यक्रम तय किया गया है।


बांधों में पर्याप्त पानी
इस बार कोतवाल और पिलुआ बांध पूरी तरह भरे हुए हैं। वहीं, कोटा से मध्य प्रदेश को 3,900 क्यूसेक पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। चंबल नहर प्रणाली के जरिए इसी पानी का उपयोग रबी सिंचाई के लिए किया जाएगा। विभाग की तैयारी है कि किसानों को फसल की जरूरत के मुताबिक समय पर पानी मिले और नहर के अंतिम छोर तक जलापूर्ति सुनिश्चित हो सके।

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