नीमच। उमराह के मुकद्दस सफर से लौटे जायरीनों का नीमच पहुंचने पर परिजनों, मित्रों और समाजजनों ने गर्मजोशी के साथ इस्तकबाल किया। फूल-मालाएं पहनाकर उनका स्वागत किया गया। वहीं, सऊदी अरब में फ्लाइट्स रद्द होने के कारण करीब 16 दिनों तक अतिरिक्त इंतजार और परेशानियों का सामना करने के बाद सकुशल वतन लौटने की खुशी भी उनके चेहरों पर नजर आई।
दरअसल, नीमच से उमराह के पवित्र सफर पर सऊदी अरब गए जायरीनों की धार्मिक रस्में 18 दिनों में पूरी हो गई थीं। लेकिन भारत लौटने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट्स रद्द होने के कारण उनकी वापसी में करीब 16 दिनों की देरी हो गई। इस दौरान सऊदी अरब में मौजूद सैकड़ों जायरीनों को अतिरिक्त समय तक रुकना पड़ा और कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा।
फ्लाइट रद्द होने से बढ़ा इंतजार, जायरीन ने बताई आपबीती-
नीमच लौटे उमराह जायरीन अब्दुल शकूर मुल्तानी ने हमारी टीम के चीफ रिपोर्टर मुश्ताक अली शाह से विशेष बातचीत में बताया कि उमराह की सभी धार्मिक रस्में 18 दिनों में पूरी हो गई थीं, लेकिन फ्लाइट्स रद्द होने के कारण वतन वापसी के लिए करीब 16 दिन अतिरिक्त इंतजार करना पड़ा। इस दौरान वहां मौजूद सैकड़ों जायरीन परेशानियों से गुजरे।
उन्होंने बताया कि वे अल मतफ उमराह टूर्स सीतामउ वालों के माध्यम से उमराह के सफर पर गए थे। इस दौरान टूर संचालक परवेज खान ने उनके खाने-पीने और ठहरने सहित सभी जरूरी व्यवस्थाओं का पूरा ध्यान रखा। उनके सहयोग के चलते अतिरिक्त दिनों के प्रवास में भी किसी तरह की कमी महसूस नहीं हुई और वे तमाम परेशानियों के बावजूद सकुशल अपने वतन लौट सके।
स्वागत के साथ सहयोगियों का जताया आभार-
नीमच पहुंचने पर पत्रकार मुश्ताक अली शाह, काविल खान, इलियास कुरैशी, नाहर पहलवान, हाजी साबिर मसूदी, सलाम मुल्तानी सहित परिजनों, मित्रों और समाजजनों ने अब्दुल शकूर मुल्तानी, उनकी पत्नी और बेटी का फूल-मालाएं पहनाकर भव्य स्वागत किया।
इस दौरान मुश्किल समय में जायरीनों की देखभाल और व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए टूर संचालक परवेज खान के प्रति भी आभार व्यक्त किया गया। उन्हें नोटों की माला पहनाकर सम्मानित किया गया। जायरीनों की सकुशल वापसी पर परिवार और समाजजनों में खुशी का माहौल रहा।