चित्तौड़गढ़। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित होगा स्पर्ष कुष्ठ जागरूकता अभियान अन्तर्गत दो वाहन एवं एएनएमटीसी की छात्राओ की रैली को रवाना किया।
डॉ रामकेष गुर्जर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि विभाग ने कुष्ठ दिवस पर आमजन को जागरूक करने के उद्देष्य से प्रातः 10.30 बजे नर्सिग प्रशिक्षण केन्द्र में अध्ययनरत छात्राओ द्वारा रैली का आयोजन किया गया। रैली को सीएमएचओ ने हरी झण्डी दिखा कर रवाना किया गया। रैली कलेक्ट्री चौराहा होते हुए बस स्टेन्ड होते हुए नगरपालिका कॉलोनी से एसपी निवास रस्ते से पुनः प्रशिक्षण केन्द्र पहुंची।
डॉ गुर्जर ने बताया कि चिकित्सा एवं स्वाथ्य विभाग राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि अर्थात शहीद दिवस पर सोमवार से स्पर्श कुष्ठ रोग जागरूकता पखवाड़ा शुरू करने जा रहा है जो 13 फरवरी तक चलेगा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ रामकेश गुर्जर ने बताया कि जिले के खण्डो में भी आयोजनों द्वारा कुष्ठ रोग के प्रति जागरूकता का प्रसार किया जाएगा।
अभियान की नोडल अधिकारी व डिप्टी सीएमएचओ स्वास्थ्य डॉ जोगेश भारद्वाज ने बताया कि घर-घर जाने वाले स्वास्थ्यकर्मी व आशा कुष्ठ रोग की पड़ताल करेंगे। पखवाड़े के दौरान शपथ ग्रहण, जागरूकता रैली, प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम, समूह चर्चा जैसी गतिविधियां आयोजित की जायेंगी व कुष्ठ रोगियों की खोज हेतु सर्वे कार्य भी किये जायंगे। उन्होंने बताया कि कुष्ठ रोग तंत्रिका तंत्र संबंधित बीमारी है, समय पर इलाज करवाने से कुष्ठ रोग पूर्णतया ठीक हो जाता है लेकिन यदि इसके उपचार में लापरवाही बरती जाए, तो अंग विकृति आ सकती है।
रैली के बाद प्रभारी, जिला नर्सिग प्रशिक्षण केन्द्र अनिल जार्ज, द्वारा छात्राओ को कुष्ठ रोग के लक्षण, बचाव, उपचार एवं नियंत्रण तथा रोकथाम के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की।
उन्होने बतााया कि आज भी समाज कुष्ठ रोग के संबध में फैली भ्रांतियों एवं भेदभावों से पूरी तरह मुक्त नही हुआ है, कुष्ठ रोगी आज भी अपनी पहचान को छुपाता है। इसलिए इस रोग के प्रति समाज में फैली भ्रातियां दूर करने व इसके प्रति समुदाय को जागरूक करने की महती आवष्यकता है। उन्होनें बताया कि कुष्ठ रोग की शुरूआत में पहचान एवं जांच करवाकर उपचार लेने से यह रोग पूरी तरह से ठीक हो जाता है और शारीरिक विकलांगता से बचा जा सकता है।
कुष्ठ रोग एमडीटी (कुष्ठ निवारक औषधी) लेने पर पूरी तरह ठीक हो जाता है। इसकी जांच एवं इलाज सभी सरकारी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रो पर निःशुल्क उपलब्ध है। उन्होनें बताया कि कुष्ठ रोग का इलाज कुछ मामलों में 6 माह तो कुछ मे 12 माह का हो सकता है।
उन्होने उपस्थित छात्राओ को रोग की पहचान, लक्षण, एवं उपचार संबधी जानकारी के साथ अपने आस-पास, रिष्तेदारो एंव पडौसीयो में यदि उक्त लक्षण पाये जाते है तो उसका जल्द से जल्द से पूर्ण ईलाज दिलवाने का पूर्ण कराने एवं उपलब्ध संसाधनो का पूर्ण उपयोग कर कुष्ठ रोग मुक्त लक्ष्य प्राप्त करने की हर संम्भव कोशिश करने की शपथ दिलवाई।
इस अवसर पर डीपीएम- विनायक मेहता, शफीक ईकबाल, डॉ मुनैश बैरवा, राजेन्द्र खटीक, खुशवन्त कुमार हिण्डोनिया, जिला डाटा प्रबंधक, कमलेश धाकड, कमलेश शाक्यवाल सहित अन्य कार्मिक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।