मनासा। नगर परिषद मनासा ने शनिवार को बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए शासकीय नजूल भूमि पर अवैध रूप से निर्मित दुकानों को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई लगभग 4800 वर्गमीटर क्षेत्रफल वाली सर्वे नंबर 300 की भूमि पर की गई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 7 करोड़ रुपए बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, माहेश्वरम कॉलोनी के समीप स्थित शासकीय भूमि का वर्ष 2012 में कथित रूप से अवैध नामांतरण कराया गया था। इसके बाद वर्ष 2022 में एक दुकान निर्माण की अनुमति लेकर नियमों के विपरीत कुल 8 दुकानों का निर्माण कर लिया गया। नगर परिषद के अनुसार निर्माण कार्य बिना नगर एवं ग्राम निवेश विभाग की स्वीकृति तथा व्यावसायिक डायवर्सन के किया गया था।
नगर परिषद मनासा ने 10 जनवरी 2024 को पारित प्रस्ताव के माध्यम से उक्त भूमि पर दी गई निर्माण अनुमति एवं नामांतरण को निरस्त कर दिया था। इस निर्णय के विरुद्ध संबंधित पक्ष ने जिला कलेक्टर कार्यालय नीमच में अपील की, जहां अपर कलेक्टर ने नगर परिषद के प्रस्ताव को निरस्त कर दिया था।
इसके बाद नगर परिषद ने मामले को उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर में चुनौती दी। न्यायालय ने सुनवाई के बाद नगर परिषद द्वारा नामांतरण और निर्माण अनुमति निरस्त किए जाने के प्रस्ताव को यथावत रखते हुए अपर कलेक्टर के आदेश को रद्द कर दिया।
उच्च न्यायालय के आदेश तथा पूर्व में जारी नोटिसों के बावजूद अवैध निर्माण नहीं हटाए जाने पर नगर परिषद ने शनिवार को कार्रवाई करते हुए सभी अवैध दुकानों को जेसीबी की सहायता से ध्वस्त कर दिया।
कार्रवाई के दौरान तहसीलदार मुकेश निगम, नगर परिषद सीएमओ संजय पाटीदार, उपयंत्री रविश कादरी, पुलिस थाना मनासा के एएसआई तेजसिंह सिसोदिया सहित नगर परिषद का अमला और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। प्रशासन ने कार्रवाई को पूरी तरह शांतिपूर्ण और कानून सम्मत बताया।