चित्तौड़गढ़। भारत सरकार की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा इस सत्र का अन्तिम पूर्णकालीक वित्तिय बजट पेश करते हुए बजट को मोदी की आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना की ओर एक कदम आगे बढ़ाने की कोशिश की गई है।
बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मेवाड़ चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्रीज के अध्यक्ष सीए (डा0) अर्जुन मुन्दड़ा ने बताया कि वित्तमंत्री द्वारा पेश किये बजट में ग्रीन एनर्जी, पर्यावरण मुक्त भारत के लिये 19700 करोड का आवंटन, पी.एम. आवास योजना, प्रायरिटी योजनाओं को 2023 से 2024 तक बढ़ाया जाना, इन्फ्रास्ट्रक्चर पर विशेष फोकस दिया जाकर भारत को विश्व के मानचित्र में एक सुदृढ शक्ति में पेश किये जाने का प्रयास किया गया है।
मध्यम श्रेणी के लिये आयकर में दरों को कम किया गया है एवं हाईएस्ट टैक्स दर को भी कम किया जाकर काफी आकर्षक किया गया है इस तरह से नई रिजीम को डिफॉल्ट स्कीम किया गया है जिससे पुरानी रिजीम लगभग प्रभावहीन रहेगी व इसमे कोई भी रहना नहीं चाहेगा व सभी सेविंग, इंश्योरेंस, हाउसिंग इंटरेस्ट व किस्त पर जमा को हतोत्साहित करेगा व इससे हाउसिंग विकास व सेविंग प्रभावित होंगे ।
एम.एस.एम.ई. को राहत देते हुए फेल हुई इकाइयों को पुनः चालू करने पर विशेष राहत पैकेज की घोषणा की गई है जो निश्चित ही सराहनीय प्रयास है लेकिन इसकी क्रियान्विति की संभावनाओं को डिटेल प्राप्त होने पर टिप्पणी की जा सकेगी। अंत में बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राकेश मंत्री सचिव एवं नित्यानंद जिंदल संरक्षक ने बजट को संतुलित बजट बताया।