नीमच। संत रविदास स्वरोजगार योजना से नीमच जनपद के ग्राम भादवामाता निवासी अनुसूचित जाति के युवा भावेश पिता परसराम को आर्थिक सम्बल मिला और उसने खिलौने विक्रय का व्यवसाय कर, उसे अपनी कमाई का जरिया बना लिया है। अब भावेश प्रतिमाह 15 हजार रूपये कमा रहा है।
भादवामाता निवासी भावेश को समाचार पत्रों से संत रविदास स्वरोजगार योजना की जानकारी मिली तो, उसे आशा की किरण दिखाई दी। उसने जिला अंत्यावसायी कार्यालय नीमच से सम्पर्क कर, खिलौना व्यवसाय के लिए 90 हजार रूपये के ऋण के लिए आवेदन किया।
यूको बैंक सावन से उसे 90 हजार रूपये का ऋण मिला। इससे उसने अपने गॉव में ही खिलौने विक्रय का व्यवसाय प्रारम्भ किया। भादवामाता जिले का प्रमुख धार्मिक आस्था का केन्द्र होने से उसका यह व्यवसाय चल निकला। इस व्यवसाय से उसको प्रतिमाह 15 हजार रूपये की आमदनी हो रही है। अब वह आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन गया है। भावेश को अब अपने परिवार के गुजर-बसर की चिंता से भी मुक्ति मिल गई है। संत रविदास स्वरोजगार योजना से मिली मदद के लिए भावेश मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को धन्यावाद देते हुए उनका आभार व्यक्त कर रहा है।