आगर मालवा। कलेक्टर कैलाश वानखेड़े ने विवाह मूहुर्त एवं अक्षय तृतीया पर जिले में होने वाले बाल विवाह की निगरानी एवं रोकने हेतु दल का गठन कर दिया है। गठित दल में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) दल प्रभारी रहेंगे तथा संबंधित तहसीलदार, परियोजना अधिकारी महिला बाल विकास विभाग, खण्ड चिकित्सा अधिकारी, खण्ड शिक्षा अधिकारी तथा पुलिस निरीक्षक दल में शामिल रहेंगे। जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास विभाग ने बताया कि जिले में वैवाहिक कार्यक्रमों में सेवाएँ देने वाले मैरिज हॉल टैंट व्यावसायी, बैंड-बाजा कॅटर्स, प्रिंटिंग प्रेस आदि सेवा प्रदाताओं को उम्र संबंधित प्रमाण पत्र प्राप्त कर परीक्षण के उपरांत ही विवाह में सेवायें देने हेतु निर्देशित किया है। संचालकों के अलावा धर्म गुरुओं से अपील है कि वैवाहिक आयोजनों में वर-वधू की आयु की जानकारी ले तथा निर्धारित आयु से कम के वर-वधू होने पर अपनी सेवाएँं नहीं दें। यदि बाल विवाह होना पाया जाता है तो दोनों पक्षों के अलावा आयोजन में कार्यरत सभी व्यक्तियों पर बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम-2006 के प्रावधान अनुसार कानूनी कार्यवाही की जाएगी। बाल विवाह कानूनी अपराध है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अनुसार विवाह के लिए युवती की उम्र 18 वर्ष एवं युवक की आयु 21 वर्ष होनी चाहिए। इससे कम आयु की शादी बाल विवाह की श्रेणी में आती है। प्रशासन द्वारा नागरिकों से भी अपील की जाती है कि बाल विवाह की सूचना दें, शिकायत देने वाले रिश्तेदार, पड़ोसी या अन्य लोगों का नाम गोपनीय रखा जाएगा। इस तरह की शिकायत चाइल्ड हेल्प लाईन नम्बर 1098 पर की जा सकती है।