निंबाहेड़ा। शहर में हुए गोलीकांड में युवक की हत्या के मामले में आरोप-प्रत्यारोपों का दौर जारी है। इस हत्याकांड के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपियों का सहयोग करने वाले तीन अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं मुख्य चार बदमाश अभी भी फरार चल रहे हैं। जिनकी तलाश में चित्तौड़ व मंदसौर की पुलिस संयुक्त रूप से दबिश दे रही है। इसी बीच राजस्थान के कैबिनेट मंत्री उदयलाल आंजना ने भी बुधवार को एक प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया।
प्रेस कांफ्रेंस में मंत्री उदयलाल आंजना ने कहा कि इस मौत के मामले में राजनीतिक आरोपों की बयानबाजी नहीं करनी चाहिए। मैं खुद भी श्रीचंद कृपलानी को एक समझदार नेता मानता हूं। हमें राजस्थान पुलिस पर पूरा भरोसा है। पुलिस ने मुख्य आरोपियों का सहयोग करने वाले तीन अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है। जल्द ही मुख्य आरोपी भी सलाखों के पीछे होंगे। मंत्री आंजणा ने बताया कि मृतक बंटी आंजना ने 5158 नाम से स्वयं की गैंग बना रखी है, जिसमे कई अपराधी लड़के शामिल कर रखे थे, जिनके साथ मिलकर वह डोडाचुरा की गाड़िया लुटकर मध्यप्रदेश पुलिस में कांस्टेबल पंकज कुमावत के साथ तस्करी करता था एवं इन्हीं के दम पर वो सरकार बदलने पर अन्य लोगों को हाथ पैर तोड़ने और गोली मारने की धमकियां देता रहता था। उक्त जानकारी भी मुझे पुलिस से मिली है।
मप्र के कुख्यात तस्कर कमल राणा का साथी था मृतक बंटी आंजना-
राजस्थान सरकार के मंत्री उदयलाल आंजना ने बताया कि मृतक बंटी आंजना मध्यप्रदेश के तस्कर कमल राणा का पूर्व साथी था, परन्तु दोनों के रिश्ते लेन-देन को लेकर खराब हो गए थे और दोनो में खुली दुश्मनी थी। बंटी मारवाड़ की कुख्यात गैंग 007 के सरगना लोरेंस विश्नोई जो जेल से निकलते ही मार देने के वीडियों भी सोशल मीडिया पर डाल चुका है उनसे भी जुड़ा हुआ था। बंटी पर राजस्थान एवं मध्यप्रदेश में एनडीपीएस, मारपीट, अपहरण करने, अवैध हथियार रखने एवं खरीदने-बेचने के कई मामले दर्ज है, जिसमें वो महिनो जेल में रहा है व अभी जमानत पर बाहर था।
बंटी पर सोनू कलर नाम के अपराधी ने भी जानलेवा हमला करते हुए फायरिंग की थी, जिसमें वो बच गया था, परन्तु बंटी ने वहां से जान बचाकर भागने की बजाएं सोनू की गाड़ी में ही आग लगा दी थी, जिससे इनकी दुश्मनी खुलेआम हो गई थी। दोनों ने एक-दूसरे को गोली मारने की धमकियां देने के वीडियों सोशल मीडिया पर डाले थे।
इसके साथ ही बंटी की दिनेश बवारी नाम के अपराधि से भी खुली अदावत थी और बावरी गैंग पूर्व में बंटी पर हमला कर चुकी है। बंटी ने दिनेश बवारी के साथ पूर्व में मारपीट की थी जिसपर दोनों में रंजिश चरम पर थी। बंटी आंजना स्वयं भाजपा का बुथ अध्यक्ष था ना की उसके पिताजी। क्योंकी बंटी एक अपराधि किस्म का लड़का था इसलिए भाजपा भी उससे सीधे अपना नाम जोड़ने से बचते हुए उसके पिताजी को अपना बुथ अध्यक्ष बता रही है। बंटी आंजना का मोबाईल जो की उसके परिजनों के पास है पुलिस को अपने कब्जे में लेकर जांच करनी चाहिए उसके मोबाईल में अनगिनत वीडिया व चेटिंग मिल जाएंगे जिसमें वो लोगो को सरकार बदलने पर जान से मार देने की धमकियां देते दिखाई देगा। पुलिस ने चारों मुख्य अपराधियों पर 5000-5000 रू का इनाम भी घोषित कर दिया है। भाजपा की बोखलाहट की वजह से हर मामले में मेरा व मेरे परिजनों का नाम जोड़ देती है चाहे वो करनपुर का मामला हो, केसुंदा का मामला हो या ढावता का मामला। भाजपा हर मामले को जातिगत एवे चुनावी रंग देने की कोशिश करती है। में के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पुनिया आज क्षेत्र में पधारे हुए में उनको कहना चाहता हुं की इन सभी मुददो को लेकर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के दस सबसे मजबूत बुथों का सर्वे करा ले तो उनके पता चल लाएगा की जनमानस की इन मुददो पर क्या प्रतिक्रिया है।