नीमच। स्थानीय अग्रणी महाविद्यालय स्वामी विवेकानंद शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित किये जा रहे दो दिवसीय इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में प्रथम दिन के दो सत्रों में रिसर्च पेपर प्रेजेंटेशन एवं विद्यार्थियों द्वारा पोस्टर प्रेजेंटेशन के माध्यम से गणित विषय की नई प्रविधियों एवं प्रवृत्तियों पर मंथन किया गया।
सम्मेलन के संयोजक प्रो. आरके गुजेटिया एवं सचिव डॉ जेसी आर्य ने जानकारी देते हुए बताया कि अग्रणी महाविद्यालय में यह इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस विषय पर आयोजन किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत आज दूसरे दिवस में लगभग 90 शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों द्वारा दो सत्रों में रिसर्च पेपर एवं 80 विद्यार्थियों द्वारा पोस्टर प्रस्तुतिकरण के माध्यम से गणित की नई प्रवृत्तियों को खोजने का प्रयास किया गया।
कॉन्फ्रेंस के द्वितीय दिवस के प्रथम सत्र में रिसॉर्स पर्सन के रूप में इंस्टीट्यूट ऑफ मेथैमेटिक्स एंड मनेजमेंट, ऑस्ट्रेलिया के प्रो. सामन्थी कोनारे सिंघे और कासेटसार्ट यूनिवर्सिटी, बैंकाक, थाईलैंड के प्रो. विचियन लॉओहाकोसोल के द्वारा ऑनलाइन मोड में अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया गया। इसी सत्र में एससीएसवीएमवी यूनिवर्सिटी कांचीपुरम, तमिलनाडु के प्रो डॉ. के. श्रीनिवास राव और मध्य प्रदेश शासन भोपाल के विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी डॉ अनिल राजपूत द्वारा ऑफलाइन मोड में अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया गया।
कॉन्फ्रेंस के चतुर्थ सत्र का आयोजन विशेष रूप से शोधार्थियों द्वारा पेपर प्रस्तुतिकरण एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों द्वारा पोस्टर प्रजेंटेशन से संबंधित रखा गया। जिसके अंतर्गत स्नातकोत्तर विद्यार्थियों ने पोस्टर प्रस्तुतिकरण के माध्यम से गणितीय सिद्धांतों की प्रमुख विषयवस्तु को प्रस्तुत किया। 16 विभिन्न पोस्टर्स के माध्यम से गणित के 80 विद्यार्थियों ने पोस्टर प्रेजेंटेशन में भाग लिया, जिन का मूल्यांकन पूर्णिमा इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग जयपुर के डॉ.ओपी सिखवाल, शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय रतलाम के डॉ सुरेश चोहान एवं स्नातकोत्तर महाविद्यालय नीमच के डॉ. जेसी आर्य द्वारा किया गया। सर्वश्रेष्ठ पोस्टर प्रेजेंटेशन हेतु स्नातकोत्तर विद्यार्थियों प्रतिभा धाकड़, साधना, वन्दना गुप्ता, दीपिका संघवी एवं अंतिम चौधरी के समूह को पुरस्कृत किया गया।
उक्त दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस के तकनीकी सत्र के चेयर पर्सन के रूप में डॉ अनिल राजपूत, प्रो. पियूष भटनागर, डॉ. ओपी सिखवाल, डॉ. आरके पेंसिया एवं डॉ. संजय जोशी उपस्थित रहे, जिनके निर्देशन में शोधार्थियों ने दोनों ही सत्रों के दौरान अपने शोध पत्रों का प्रस्तुतीकरण किया।
दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रो अपर्णा रे, डॉ यादवेंद्र सिंह सोलंकी, डॉ दीपिका जैन, प्रो आस्था सैनी, प्रो भुवनेश अंबवानी एवं प्रो सुनील कुमार धेतरवाल द्वारा विभिन्न सत्रों का संचालन किया गया। सम्मेलन में रजिस्ट्रेशन एवं प्रमाण पत्र वितरण संबंधी कार्य प्रो रचना राजोरा, प्रो पुष्पकांत भटनागर, प्रो अशोक प्रजापत, प्रो राकेश कसवां, श्री संजीव थोरेचो, प्रो जया खमेरिया एवं प्रो पूजा सैनी द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया। कांफ्रेंस के तकनीकी एवं कंप्यूटर संबंधी दायित्व डॉ गिरिराज शर्मा, डॉ तरुण जोशी, डॉ कोमल चौधरी एवं प्रो दिव्या सोनी द्वारा संपादित किया गया। शोधार्थियों द्वारा प्रस्तुत किए गए शोध पत्रों के आधार पर डॉ यादवेंद्र सिंह सोलंकी, प्रो भुनेश अंबवानी, डॉ आशुतोष शर्मा, डॉ. चंदना अंजना, डॉ नवीन सक्सेना एवं प्रो संजीव थोरेचा द्वारा संक्षिप्त सार स्वरूप प्रतिवेदन तैयार किया गया।
दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस के समापन अवसर पर उपस्थित डेलीगेट्स, चेयर पर्सनस, प्राध्यापकों एवं गणित विभाग के आकर्षक पोस्टर प्रस्तुतकर्ता विद्यार्थियों को सहभागिता प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. वीके जैन, चेयर पर्सन डॉ केएल जाट एवं सम्मेलन संयोजक डॉ. आरके गुजेटिया द्वारा प्रदान किए गए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. संजय जोशी, प्रो सपना वर्मा एवं प्रो आस्था सैनी द्वारा किया गया। अंत में आभार प्रदर्शन डॉ. जेसी आर्य एवं प्रो भुनेश अंबवानी द्वारा किया गया।