चित्तौड़गढ़। राज्य में शिक्षा निदेशालय द्वारा डीपीसी वर्ष 2021-22 से चयनित प्रधानाचार्यों में से आंशिक पदों पर पदस्थापन प्रदान कर दी गई, किन्तु डीपीसी चयनित होने एवं प्रधानाचार्यों के पद रिक्त होने के बाद बावजूद लगभग 300 व्याख्याताओं की अकारण पदस्थापना नहीं की जा रही है। जिसको लेकर राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय ने राजस्थान सरकार के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर सत्र 2022-23 की डीपीसी से पूर्व ही काउंसिलिंग कर पदस्थापना प्रदान करने की मांग की है।
संगठन के प्रदेश सभाध्यक्ष अरविन्द व्यास ने ज्ञापन में अवगत करवाया कि निदेशक माध्यमिक शिक्षा राजस्थान बीकानेर द्वारा प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नति हेतु क्च्ब् 21-22 की सूची दिनांक 11-07-2022 को जारी की गई। उसी दिन लगभग 29 प्रधानाध्यापकों द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में याचिका संख्या 9479 / 2022 दायर करवाकर पदस्थापन पर रोक लगवा दी गई। माननीय न्यायालय ने अपने अन्तरिम आदेश में 20 प्रतिशत पदों पर डीपीसी सूची के 421 पदों पर पदस्थापन पर रोक लगाते हुए व्याख्याता कोटे के 80 प्रतिशत यानी कुल 1684 पदों पर पदस्थापन हेतु शिक्षा विभाग को अन्तरिम आदेश प्रदान किये। जिस पर निदेशालय द्वारा काउन्सिलिंग कर दिनांक 2-11-22 को पदस्थापन आदेश प्रदान कर दिये गए कुल 1684 में से 1368 पदों पर ही कार्यग्रहण किया। 264 ने कार्यग्रहण नहीं किया तथा 52 पदों पर पदस्थापन आदेश नहीं हुए हैं। अतः कुल शेष रहे 316 पदों पर डीपीसी से चयनित 316 व्याख्याताओं की काउन्सिलिंग करवाकर पदस्थापन प्रदान करना उचित है।
संगठन के प्रदेश सचिव रमेश पुष्करणा ने बताया कि उक्त पदस्थापन से समस्त रिक्त पदों पर प्रधानाचार्यों का पदस्थापन होने से 316 स्कूलों को प्रिंसिपल मिलेंगे तथा 316 ही पदों पर वरिष्ठ अध्यापकों से व्याख्याता पद पर पदोन्नति के अवसर बनेंगे।
जिलाध्यक्ष तेजपाल सिंह शक्तावत ने कहा कि उक्त पदोन्नति पर पदस्थापन किये जाने पर विभाग पर पृथक से अतिरिक्त वित्तीय भार भी नही पड़ेगा।जिला मंत्री प्रकाश बक्शी ने कहा कि निदेशालय माध्यमिक शिक्षा द्वारा तत्कालीन समय के रिक्त पदों के विरुद्ध 11 जुलाई 2022 को उक्त डीपीसी कर प्रधानाचार्य पद के लिए चयनित कर पदोन्नत तो कर लिया है। किन्तु 7 माह बाद भी पदस्थापन नही दिया है। इससे इनका डीपीसी से चयन निष्फल हो जाता है। अधिकांश पदों पर पदस्थापन किया जा चुका है केवल 316 पदों पर अकारण पदस्थापन रोकना अनुचित कदम है जिसका संगठन विरोध करता है।पूर्व जिलाध्यक्ष रमेश पुरोहित, जिला सभाध्यक्ष सैयद मुकर्रम अली, विभाग संगठन मंत्री हीरा लाल लुहार, मिडिया प्रकोष्ठ के गोपाल लाल शर्मा, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेश दत्त व्यास, जिला उपाध्यक्ष अशोक कोचिटा , अतिरिक्त जिला मंत्री राजेंद्र व्यास, जिला उपाध्यक्ष हमीर सिंह, भंवर सिंह सहित पदाधिकारी ने तत्काल नियुक्ति देने की मांग की।