चित्तौड़गढ़। जिला कलेक्टर अरविन्द कुमार पोसवाल में जिला मुख्यालय से लगभग 75 किमी दूर श्रीपुरा, कनेरा घाटा में कृषक नेमीचंद धाकड़ के फार्म का निरीक्षण किया। जिला कलेक्टर पोसवाल ने कृषक द्वारा की जा रही गतिविधियों यथा स्ट्राबेरी की खेती, मल्चिंग पर लहसून की खेती, आम का सघन बगीचा जिसमें एक पौधे पर 4 प्रकार के ग्राफटिंग किये हुए किस्मों का अवलोकन किया तथा ड्रेगन फ्रूट, हाईब्रिड अमरूद का बगीचा, अफ़ीम की खेती के बारे में जानकारी ली।
जिला कलेक्टर ने कृषक द्वारा अपनायी जा रही उद्यानिकी एवं कृषि गतिविधियों सौलर पम्प, बूंद-बूंद सिंचाई, मिनी / फव्वारा सिंचाई, सिंचाई पाईप लाईन, वर्मी कम्पोस्ट ईकाई, पैक हाउस, गोदाम, स्पाईरल ग्रेटर उन्नत कृषि यंत्र का निरीक्षण किया। किसान ने बताया कि फार्म पर पशुपालन जिसमें गिर नस्ल की 20 गायें, नर्सरी जिसमे आवला, अमरूद एवं सीताफल आदि के पो ग्राफटिंग द्वारा तैयार किये जा रहे है जो अन्य कृषकों को तकनिकी जानकारी के साथ उपलब्ध करवाये जा रहे है। किसान के फार्म हाउस का अन्य जिलों व राज्य के कृषक भी अवलोकन करने हेतु आते है जिनको भ्रमण भी करवाया जाता है तथा फार्म हाउस पर दूर-दराज के कृषकों के ठहरने की भी व्यवस्था है। विभाग द्वारा समय-समय तकनिकी जानकारी एवं अनुदान प्राप्त कर कृषक ने फार्म हाउस विकसित किया है जिसके लिए कलेक्टर का कृषक ने आभार व्यक्त किया। कलेक्टर ने कृषि में नई तकनिकी को सहारते हुए कहा कि खेती का तरीका भी समय के साथ बदल गया है। नवीन तकनिकी अपनाकर किसान की आर्थिक एवं सामाजिक अवस्था में बदलाव लाया जा सकता है। कलेक्टर ने कृषक द्वारा अपनायी जा रही उन्नत कृषि तकनीकी की सराहना की एवं विभाग के अधिकारियों को क्षेत्र में अन्य किसानों को भी इस तरह के प्रगतिशील किसानों के फार्म हाउस का भ्रमण करवाकर खेती में नवाचार हेतु प्रेरित किया जाए।
इसके अलावा, जिला कलेक्टर ने लुगखदा गांव में डी.एम.एफ.टी. योजनान्तर्गत आयोजित मटर फसल प्रदर्शन का अवलोकन भी किया तथा वहां उपस्थित कृषकों से मटर की खेती के बारे में विस्तृत जानकारी ली, जिसमें कृषकों ने बताया कि वर्तमान में 20 से 25 रुपए प्रति किलो के हिसाब से निम्बाहेड़ा मण्डी में बिक रह है जिससे अच्छी आमदनी प्राप्त कर रहे है। उपस्थित कृषकों ने इस नवाचार को करने के लिए जिला कलेक्टर का आभार व्यक्त किया। योजना के तहत जिले में 1500 किसानों को मटर बीज के साथ अन्य आदानों का वितरण किया गया था। जिला कलेक्टर के अवलोकन के दौरान उप निदेशक उद्यान डॉ शंकर लाल जाट एवं मैलाना कृषि पर्यवेक्षक मयंक चित्तौड़ा भी उपस्थित रहे।