भोपाल। प्रदेश के पंचायत सचिव सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। इसे लेकर उन्होंने 14 दिन का आकस्मिक अवकाश भी लिया है। संगठन के पदाधिकारियों का दावा है कि हड़ताल पर जाने से पंचायतों में तालाबंदी की नौबत बन गई है। वेतन समेत अन्य मांगें पूरी नहीं होने के कारण वे आंदोलन का रास्ता अपना रहे हैं। कई जिलों में उन्होंने प्रदर्शन भी किया।
सचिवों की मुख्य मांगें-
- पंचायत सचिवों का विभाग में संविलियन हो।
- 2018 से एरियर सहित 7वां वेतनमान दिया जाए।
- 6वें वेतनमान की गणना नियुक्ति दिनांक से हो।
- अनुकंपा नियुक्ति के आदेश का सरलीकरण कर 100 प्रतिशत नियुक्तियां करें।
- सहायक सचिवों का जिला संवर्ग में संविलियन किया जाए।
- निश्चित वेतनमान दिया जाए।
मध्यप्रदेश पंचायत सचिव संगठन के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने बताया कि जुलाई-अगस्त-21 में पूरे प्रदेश में एक महीने के लिए आंदोलन किया था। तब शिवराज सरकार ने 10 अगस्त 21 को सभी मांगों को लेकर आदेश जारी करने की बात कही थी, लेकिन इसे दो साल बीतने को आए हैं। बावजूद अब तक एक भी मांग पूरी नहीं की गई है। इससे नाराजगी हैं और अब आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।