उज्जैन। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ दिए गए आदेश के बाद अब जिला प्रशासन ने अभिभावकों की शिकायत पर तीन दुकानों पर कार्यवाही की है। शुरूआती जांच में आर के बंसल, केंद्रीय विद्यालय, निर्मला कान्वेंट, सेंट पाल, स्टेनफोर्ड ,विद्या भवन, वर्जिन मेरी सेंट मेरी स्कूल प्रबंधन सहित अन्य स्कूलों की किताबों की बिक्री पर मनमानी सामने आई है। जिसमें कुछ दुकानों से साठगांठ कर महंगे दामों में किताबे बेचीं जा रही थी। हालांकि अधिकारी कह रहे है कि पूरी जांच के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए 1 अप्रैल को एक आदेश जारी किया था।जिसमें अब प्राइवेट स्कूल किसी निर्धारित दुकान से ही किताबें ,यूनिफार्म और बाकि शिक्षण सामग्री खरीदने का दबाव अभिभावक पर नहीं बना सकते है। यदि ऐसी कोई शिकायत मिली ,तो स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस आदेश के बाद उज्जैन कलेक्टर नीरज सिंह को कई स्कूल प्रबंधन की मनमानी की शिकायत मिली। शिकायत के बाद कलेक्टर ने एक टीम बनाकर एसडीएम एलएन गर्ग सहित अन्य अधिकारियों को बुधवार शाम को जांच करने का कहा। जिस पर तीन दुकानों एमपी पब्लिशर, पराग पब्लिशर और ज्ञानगंगा पब्लिशर पर जांच में मिलीभगत सामने आई है। अभिभावकों ने बताया कि प्राइवेट स्कूल में बच्चा पढ़ रहा है, स्कूल की तरफ से बुक लिस्ट थमा दी जाती है और उनके पूछने पर कहा जाता है कि किसी निश्चित पब्लिशर के यहाँ आपको यह सारी शिक्षण सामग्री उपलब्ध हो जाएगी। यहाँ आओ तो डिस्काउंट सिर्फ कापियों पर दिया जा रहा है,बुक्स के रेट में कोई डिस्काउंट नहीं है।
एसडीएम एलएन गर्ग ने कहा की कुछ अभिभावकों की शिकायत पर जिला शिक्षा अधिकारी आनंद शर्मा व टीम ने शहर में एमपी पब्लिशर, पराग पब्लिशर और ज्ञान गंगा पब्लिशर के यहां जांच की। अभिभावकों को कॉपी पर 20 प्रतिशत डिस्काउंट दे रहे है लेकिन किताबो पर कोई डिस्काउंट नहीं मिल पा रहा है। प्राथमिक जांच में स्कूल से सांठ गांठ होने की शंका है कई स्कूलों के नाम है अब स्कूलों की जांच की जाएगी। इसके बाद मामले में खुलासा करेंगे। और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाईं करेंगे।