उज्जैन। सोमवार को राजस्थान के भीलवाड़ा से महाकाल दर्शन को आए परिवार के सदस्य शिप्रा नदी पर नहाने गए थे। नहाने के दौरान एक 14 वर्षीय बालिका गहरे पानी में जाकर डूबने लगी। आवाज सुनकर मौके पर मौजूद एसडीईआरएफ जवान ने बालिका को डुबने से बचाकर सकुशल परिजनों के सुपुर्द किया।
महाकाल दर्शन के साथ ही शिप्रा नदी पर बड़ी संख्या में बाहर से आने वाले श्रद्धालु स्नान के लिए पहुंच रहे है। रामघाट चौकी पर होमगार्ड तैराक दल प्रभारी ईश्वरलाल चौधरी ने बताया सोमवार को राजस्थान के भीलवाड़ा से महाकाल दर्शन को आए परिवार के सदस्य शिप्रा नदी पर नहाने गए थे। नहाने के दौरान बालिका भावना पिता प्रभात मालवीय उम्र 14 वर्ष गुरूनानक घाट पर नहाने उतरी थी। इसी दौरान पानी में पैर फिसलने से गहरे पानी चली गई। शोर मचाने पर घाट पर तैनात एसडीईआरएफ जवान
जितेंद्र चंदेल ने पानी में कूदकर बालिका को गहरे पानी से सुरक्षित बाहर निकालकर परिजनों के सुपुर्द किया। चौधरी ने बताया कि घाट पर लगातार सूचना देने और जवानों द्वारा समझाईश देने के बाद भी यात्री गहरे पानी की ओर चले जाते है। पानी गहरा होने के कारण डूबने की घटना सामने आती है।
शिप्रा नदी पर दोस्तों के साथ रविवार को गऊघाट में नहाने गया बालक प्रणय बोरकर पिता अनिल 16 वर्ष निवासी जवाहर नगर नहाने के दौरान गहरे पानी में डूब जाने से उसकी मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि प्रणय 10 वीं का छात्र था और अभी पूरक परीक्षा दी थी। उसके पिता माली का काम करते है। वह इकलौता पुत्र था। रविवार को रात करीब 8 बजे प्रणय का शव नदी से निकाला गया। सोमवार को पुलिस ने बालक का पीएम कराया है।