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July 12, 2026, 5:53 pm
KHABAR : पंडित हूं लाख गैर हूं, हूं पर हुसैन का..., शेर पर गूंजती रही दाद, तरही बज्म-ए-सलाम में छलका इंसानियत का पैगाम, पढ़े खबर

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नीमच। अदबी संगम संस्था के तत्वावधान में शनिवार रात संस्थापक कवि एवं शायर अख्तर अली शाह अनंत के निवास पर तरही बज्म-ए-सलाम का भव्य आयोजन किया गया। नवासा-ए-रसूल हजरत इमाम हुसैन की याद में आयोजित इस अदबी महफिल में नीमच, मंदसौर, निम्बाहेड़ा और उज्जैन के 17 शायरों ने तरही मिसरा "जाने बतूल सिब्ते पयंबर हुसैन हैं" पर अपने-अपने कलाम पेश किए। देर रात तक चली महफिल में इमाम हुसैन की कुर्बानी, इंसानियत, सब्र, हक और गंगा-जमुनी तहजीब का संदेश गूंजता रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ शाहनवाज खान ने नात-ए-रसूल से किया। इसके बाद शायरों ने एक से बढ़कर एक कलाम पेश कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। अक्सद असनैन ने पढ़ा, "दोनों जहां का नूर बहत्तर को दे गया, खेमे में एक चराग बुझाना हुसैन का।" जियाउल्लाह खान ने कहा, "हमसर नहीं है कोई जमाने में आपका, सब्रो-रजा व जब्त के खूगर हुसैन हैं।" वहीं शाहनवाज खान (निम्बाहेड़ा) ने पढ़ा, "राजा हो या कि रंक वसुधा पे शाहनवाज, सबके भले के वास्ते तत्पर हुसैन हैं।"

मंदसौर के असद असनैन ने "बिखरा था जब निजामे-वफा करबला के बाद..." तथा कलीम शाह ने "जिस दम तवील हो गया सज्दा-ए-मुस्तफा..." सुनाकर खूब वाहवाही लूटी। शहनवाज शाद, असद अंसारी, अकबर हुसैन 'शफक', प्रो. रफीक नागौरी, आलम तौकीर नियाज़ी, जमील अहमद जमील और डॉ. महिपाल सिंह चौहान ने भी अपने प्रभावशाली कलाम पेश किए।

महफिल का सबसे यादगार क्षण तब आया जब डॉ. मुकुंद सागर भट्ट ने अपना चर्चित शेर पढ़ा—
"पंडित हूं लाख गैर हूं, हूं पर हुसैन का,
है आरजू कि देख लूं मैं घर हुसैन का।"

इस शेर पर पूरी महफिल देर तक तालियों और दाद से गूंजती रही।

उस्ताद शायर सैय्यद वसीम इरफानी, संस्था के संस्थापक अख्तर अली शाह अनंत तथा अध्यक्ष अब्दुल वहीद वाहिद ने भी अपने कलाम पेश कर हजरत इमाम हुसैन की शहादत और इंसानियत के संदेश को शब्द दिए। राधेश्याम शर्मा, मोहम्मद आसिफ सहित अन्य साहित्यकारों ने भी अपनी रचनाओं से महफिल को यादगार बना दिया।

इस अवसर पर अख्तर अली शाह अनंत का 80वां जन्मदिवस भी साहित्यकारों की मौजूदगी में मनाया गया। सभी ने उन्हें शुभकामनाएं अर्पित कीं। कार्यक्रम के अंत में उज्जैन के वरिष्ठ शायर प्रो. रफीक नागौरी को 'अदबी संगम सम्मान-2026' से सम्मानित किया गया। अतिथियों का स्वागत संस्था की ओर से किया गया, जबकि आभार जहांगीर हुसैन ने व्यक्त किया।

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