रतलाम। पश्चिम रेलवे का रतलाम मंडल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और उपलब्ध मानव संसाधनों का अधिक प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करने जा रहा है। मंडल ने अपने 9 प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर स्थित 10 पूछताछ काउंटरों के संचालन को आउटसोर्स करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही रतलाम मंडल इस व्यवस्था को लागू करने वाला पश्चिम रेलवे का पहला मंडल बन जाएगा।
20 जुलाई, 2026 से इंदौर, रतलाम, उज्जैन, दाहोद, नीमच, चित्तौड़गढ़, देवास, नागदा तथा डॉ. अंबेडकर नगर रेलवे स्टेशनों पर पूछताछ केंद्रों का संचालन हैदराबाद की मेगा कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा चौबीसों घंटे किया जाएगा। इसके लिए निविदा प्रक्रिया पूरी कर एजेंसी का चयन कर लिया गया है तथा कार्यादेश भी जारी कर दिया गया है।
कार्य प्रारंभ होने से पहले एजेंसी के सभी कर्मचारियों को रेलवे के पूछताछ केंद्रों के संचालन, यात्री सहायता एवं संबंधित प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि यात्रियों को गुणवत्तापूर्ण और त्वरित सेवा मिल सके।
वर्तमान में इन पूछताछ काउंटरों पर टिकट चेकिंग एवं रिजर्वेशन कैडर के 37 रेल कर्मचारी कार्यरत हैं। यहां मुख्य रूप से यात्रियों को आमने-सामने जानकारी देना, कोच गाइडेंस डिस्प्ले का संचालन तथा ट्रेनों की घोषणाएं (अनाउंसमेंट) जैसे गैर-नकद कार्य किए जाते हैं। दूसरी ओर टिकट चेकिंग कैडर में बड़ी संख्या में रिक्त पद होने के कारण इन कर्मचारियों की आवश्यकता ट्रेनों और टिकट जांच कार्यों में महसूस की जा रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए मंडल प्रशासन ने पूछताछ केंद्रों के संचालन को आउटसोर्स करने का निर्णय लिया।
मंडल रेल प्रबंधक अश्वनी कुमार के मार्गदर्शन में वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हिना वी. केवलरामानी के नेतृत्व में मंडल वाणिज्य प्रबंधक राजेश मथुरिया तथा मुख्य वाणिज्य निरीक्षक मिक्की सक्सेना ने इस परियोजना की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की। आवश्यक अनुमोदन प्राप्त करने के बाद निविदा प्रक्रिया पूरी की गई और निर्धारित समय सीमा में एजेंसी का चयन कर लिया गया।
पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार एजेंसी द्वारा सभी स्टेशनों पर लगभग 40 प्रशिक्षित कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। प्रत्येक कर्मचारी के पास संबंधित कार्य का कम से कम एक वर्ष का अनुभव होगा तथा स्थानीय भाषा के साथ-साथ हिंदी और अंग्रेजी का भी अच्छा ज्ञान होगा।
आउटसोर्स कर्मचारी यात्रियों को प्रत्यक्ष पूछताछ सुविधा उपलब्ध कराने, स्टेशन पर उपलब्ध यात्री सुविधाओं की जानकारी देने, कोच एवं ट्रेन इंडिकेटर बोर्ड संचालित करने, स्वचालित एवं मैनुअल अनाउंसमेंट करने तथा आवश्यकता पड़ने पर दिव्यांग एवं वरिष्ठ नागरिक यात्रियों की सहायता करने का कार्य करेंगे। इसके साथ ही वे स्टेशन पर यात्रियों की संख्या, फुटफॉल, ट्रेनों के आगमन-प्रस्थान और प्लेटफॉर्म उपयोग से संबंधित आंकड़ों का संकलन भी करेंगे, जिससे भविष्य में भीड़ प्रबंधन और यात्री सुविधाओं की बेहतर योजना बनाने में मदद मिलेगी।
इस व्यवस्था के लागू होने से टिकट चेकिंग एवं रिजर्वेशन कैडर के कर्मचारियों को उनकी मूल जिम्मेदारियों में लगाया जा सकेगा। इससे ट्रेनों में बिना टिकट जांच स्टाफ वाले कोचों की संख्या कम होगी, टिकट जांच व्यवस्था मजबूत होगी तथा रेलवे के राजस्व में भी सकारात्मक वृद्धि होने की उम्मीद है।
रतलाम मंडल की यह पहल यात्रियों को बेहतर सेवा प्रदान करने के साथ-साथ रेलवे के उपलब्ध मानव संसाधनों के अधिक प्रभावी उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। फिलहाल यह व्यवस्था एक वर्ष के लिए लागू की जा रही है तथा इसके परिणामों के आधार पर भविष्य में इसे आगे भी जारी रखने पर विचार किया जाएगा।