भोपाल। ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा पर राजधानी में 22 जून को भगवान विष्णु, राम, कृष्ण मंदिरों में विशेष अनुष्ठान होंगे। इस दिन भगवान जगन्नाथ सहस्त्रधारा स्नान करेंगे। इसके बाद 15 दिन तक उनकी ज्वर लीला चलेगी। ऐसे में कृष्ण मंदिरों में भगवान का विशेष उपचार चलेगा और वे दर्शन नहीं देंगे। ये मुख्य आयोजन जगन्नाथ पुरी में होता है।
पंडित विष्णु राजोरिया बताते हैं कि शास्त्रों के अनुसार ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन किया गया दान-पुण्य अक्षय हो जाता है। यह दिन भगवान विष्णु एवं माता लक्ष्मी को समर्पित है। वे बताते हैं कि इस दिन सूर्य और चंद्रमा एक दम आमने-सामने की स्थिति में होंगे। दिन छोटे और रातें लंबी होने लगेंगे। पौराणिक मान्यता के अनुसार इसी दिन से वैवस्वत मन्वंतर की शुरुआत हुई थी। इसी मन्वंतर में श्रीहरि विष्णु, राम, कृष्ण और बुद्ध के रूप में प्रकट हुए हैं।
कमला पार्क स्थित जगदीश मंदिर के महंत जगदीश त्यागी ने बताया कि यहां जगन्नाथ पुरी जैसे ही भगवान को सहस्त्रधारा स्नान कराया जाएगा। ज्वर लीला के साथ उपचार व औषधि उपचार किया जाएगा। चौबदारपुरा स्थित श्री बांके बिहारी मार्कण्डेय मंदिर के पंडित रामनारायण आचार्य ने बताया कि बांके बिहारी मंदिर में भगवान का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। राधावल्लभ समेत सभी कृष्ण मंदिरों में विशेष अनुष्ठान किए जाएंगे।