चित्तौड़गढ़। स्वदेशी जागरण मंच एवं स्वावलंबी भारत अभियान चित्तौड़ प्रांत का दो दिवसीय प्रांत विचार वर्ग सोमवार को संपन्न हुआ। अनेक छात्रों के माध्यम से वक्ताओं ने अपने विचार रखें। अर्बन कोऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष इंद्रमल सेठिया ने उद्यमियों के समक्ष कठिनाइयां वित्त एवं विपणन विषय पर संबोधित करते हुए बताया कि व्यवसाय में लागत और खर्च के साथ-साथ उत्पादन का संतुलन बनाते हुए प्रति माह के अनुसार विश्लेषण करते हुए तथा मार्केट में जो अपडेशन हो रहे हैं उन पर फॉक्स भी करना चाहिए। मार्बल व्यवसायी जुगल किशोर बिड़ला ने संबोधित करते हुए आत्मनिर्भर बनने की जीवन यात्रा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मार्बल सहित किसी भी व्यवसाय की शुरुआत जमीन स्तर से कठिनाइयों के साथ होती है तथा संघर्ष के बाद सफलता निश्चित रूप से मिलती है। अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख डॉ धर्मेंद्र दुबे ने युवाओं एवं अभिभावकों में उद्यमिता के भाव का विकास आवश्यकता और उपाय विषय पर अपनी बात रखी। सत्र की अध्यक्षता डॉ सतीश आचार्य ने स्वावलंबी भारत अभियान की यात्रा विषय पर कार्यकर्ताओं का अनुभव और उनके परिणामों पर चर्चा की।डॉ संत कुमार प्रांत सहसंयोजक ने स्वालंबन केन्द्रो की संकल्पना एवं उपयोगिता विषय पर अपनी बात रखी। श्री राम गुरबाणी व्यवसायी ने युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए सफलता की कहानी विषय पर चर्चा की। प्रान्त संयोजक पुरुषोत्तम शर्मा ने चित्तौड़ प्रांत में स्वदेशी जागरण मंच के कार्य और कार्यकर्ताओं से मंच के लक्ष्य को लेकर चर्चा की। डॉ ज्योति वर्मा ने आत्मनिर्भर भारत में महिलाओं उद्यमियों का योगदान, डॉ देवीलाल साहू द्वारा स्वदेशी भारत अभियान वॉलिंटियर्स उद्देश्य एवं उपयोग, इंद्रमल सेठिया द्वारा उद्यमियों के समक्ष कठिनाइयां वित्त एवं विपणन,रमन कुमार सुद्द द्वारा स्वदेशी एवं स्वावलंबन अभियान में कार्यकर्ताओं की भूमिका , अनिल वर्मा द्वारा विकसित भारत की संकल्पना में स्वदेशी की भूमिका विषय पर अपनी बात रखी। समापन सत्र के भारत स्वावलंबन अभियान क्षेत्रीय संयोजक अनिल वर्मा, आरएसएस के प्रांत कार्यवाहक शंकर लाल, चित्तौड़ विभाग प्रचारक सत्यनारायण ने विभिन्न विषयों पर परिचर्चा करके धन्यवाद ज्ञापित किया। सत्रो की अध्यक्षता डॉ सतीश आचार्य, प्रमोद पालीवाल, सोहनलाल शर्मा, लालू राम कुमावत, डॉ ज्योति वर्मा, राजेंद्र सिंह गहलोत, महेश चंद्र नहवाल, लालू राम कुमावत, अनीता मीणा, शंकर माली ने की। विभिन्न सत्रों में मंच का संचालन डॉ प्रहलाद शर्मा, राजेश गौतम, तरुण दास बैरागी, प्रमोद शर्मा, डॉ संत कुमार, राजेंद्र सिंह गहलोत, राजेश गौतम, दिनेश चंद्र गोड़, देवीलाल साहू ने की। चित्तौड़ प्रांत संयोजक पुरुषोत्तम शर्मा ने बताया दो दिवसीय विचार वर्ग ने कार्यकर्ताओं में बूस्टर डोज का काम किया है। स्वदेशी जागरण मंच जन-जन तक पहुंचकर भारत को आत्मनिर्भर बनाने में भारत को विश्व की सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनाने में स्वदेशी के मूल मंत्र के साथ अपने लक्ष्य को प्राप्त करने का प्रयास कर रहा है जिसे जरुर सफलता मिलेगी। विभाग संयोजक डॉ प्रहलाद शर्मा ने बताया कि युवाओं को शिक्षा के साथ-साथ स्वालंबन एवं उद्यमिता को अपनाने की आवश्यकता है आज का युवा जॉब शीकर नहीं बन कर जॉब प्रोवाइडर बने, जिस देश आत्मनिर्भरता की ओर एक कदम आगे बढ़ेगा। रमन सूद ने बताया कि हमें स्वदेशी की संकल्पना के साथ बढ़ते हुए भारत को आर्थिक रूप से विश्व शक्ति के रूप में 2047 तक अग्रणी पंक्ति में लाना है। मध्यांतर सत्र की अध्यक्षता करते हुए प्रांत संपर्क प्रमुख एडवोकेट लालू राम कुमावत ने बताया कि स्वावलंबी भारत अभियान को सफल बनाने के लिए ब्यूरोक्रेसी एवं प्रतिनिधियों के आपसी तालमेल का लाभ जनता को मिलना चाहिए ताकि जरूरतमंद एवं स्वावलंबन के को अपनाने वाले युवा प्रगति की ओर अग्रसर होकर अर्थव्यवस्था के उन्नयन में भूमिका निभा सके तथा देश के युवाओं को स्वरोजगार अपनाने की अपील भी की।