उज्जैन। जिला कलेक्टर नीरज सिंह के दरबार में जीले भर से आमजन अपनी गुहार लगाने जनसुनवाई में पहुच रहे है। तहसील स्तर पर स्थानीय अधिकारी द्वारा समस्या का निराकरण नहीं कर पा रहे है जीससे परेशान महिलाए, गरीब जन जीलाधीश के दरबार में अपनी गुहार लगाते दिखे। कलेक्टर के दरबार में खाचरोद तहसील के ग्रामीणजन भी पहुचे। जानकारी में आवेदकों ने बताया कि खाचरौद तहसील की जनसुनवाई में शिकायतो पर कार्यवाही नहीं होती है. कलेक्टर के सामने प्रस्तुत आवेदनों में जनपद पंचायत खाचरोद के कनवास पंचायत के सहायक सचिव ईश्वरलाल ने अपने पद का दुरूपयोग करते हूए शासकीय नाले में पक्का अतिक्रमण कर नाला अवरुद्ध दिया।
खाचरौद राजस्व के खुरमुंडी के कृषक राधेश्याम सपथ पत्र लेकर पहुच बताया कि गिरधावर ने भूमि सीमांकन करने के 10 हजार रुपये लेने के बाद भी बीना पुलिस बल के बीना कोई सुचना के सीमांकन करने पहुचे और भुमी का सीमांकन भी नहीं किया।
खाचरोद राजस्व के ग्राम डोडिया की विधवा महिला राधाकुंवर ने कलेक्टर को बताया कि डोडिया गांव के चार दबंगोँ ने फयुम्म, रफिक, भुरु और अजगर के द्वारा मेरी जमीन के बीचो-बीच मोहरम डालकर रास्ता निकाल लिया है और मना करने पर जान से मारने की धमकी दी जाती है, पिपलोदा पंथ के ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि हमारे खेत पर जाने का रास्ता गांव के दबंग ने रोक लिया है जिसकी वजह से हम सभी के 22 बिघा खेतो की बोवनी नहीं कर पा रहे हैं, गाव सनासला निवासी भील समाज कि महिला ने बताया मेरी 5 बीघा जमीन पर मड़ावदी के भुमाफिया इसाक पटेल ने 20 वर्षों से कब्जा कर रखा है जमीन मागने पर जान से मारने की धमकी देता है।
घिनोदा पंचायत के सरपंच के परीजनो ने प्राचीन शासकीय कुए को अपने निजी स्वार्थ के चलते मीट्टी डालकर बंद कर दिया.जो की शासन की महत्वपूर्ण योजना जल गंगा अभियान का विरोध व अपने पद का दुरूपयोग किया है जीसमे पद का दुरूपयोग व जनजागरण अभियान की अवहेलना में कठोर कार्यवाही करते हुए प्राचीन कुए को पुनः जीवंत करने की मांग करी।
कलेक्टर ने सभी की शीकायतो को सुन कर सम्बधीत विभागों को शीघ्र समस्या का उचित समय में नीराकरण करने के निर्देश दिए हैं।