रतलाम। सीएम हेल्पलाइन पर सैंकड़ो आवेदक शिकायत के पेडिंग पड़े होंगे और इनके निराकरण के लिये सीएम डॉ. मोहन यादव कई बार वीसी के माध्यम से विधायक व कलेक्टर की बैठक ले चुके हैं, लेकिन जमीन पर हालात कुछ अलग है। यहां जनसुनवाई में अधिकारी मोबाइल में बिजी नजर आते हैं। ऐसी ही एक तस्वीर मंगलवार को रतलाम कलेक्टर सभाकक्ष में देखने को मिली। जहां अधिकारी मोबाइल में बिजी नजर आ रहे हैं। हर मंगलवार होने वाली जनसुनवाई उच्चाधिकारियों के लिए जहां प्रतिष्ठा का प्रश्न है, वहीं विभागीय अधिकारियों के लिए टाइम पास है।
3 घंटे तक फोन पर व्यस्त दिखाई दिए अधिकारी-
कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित जनसुनवाई में करीब 35 से अधिक विभाग के अधिकारी मौजूद थे। जनसुनवाई की शुरूआत के साथ ही शिक्षा विभाग, महिला एवं बालविकास विभाग, भरण पोषण अधिनियम के तहत चौपाल, बिजली विभाग, सहकारिता विभाग, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, अनुसूचित एवं जनजाति विभाग सहित 35 से अधिक विभागों के ये अधिकारी फोन पर व्यस्त दिखाई दिए। जब तक जनसुनवाई चली इन्होंने अपना फोन नहीं छोड़ा। इस दौरान ये वाट्सएप, इंस्टाग्राम सहित अन्य मोबाइल एप का इस्तेमाल करते हुए मीडिया के कैमरों में कैद हुए।
ड्यूटी के समय निभाते हैं पारिवारिक जिम्मेदारियां-
आपकों बता दें कि सुबह 11 से शाम 4 बजे तक जनसुनवाई में बैठे अधिकारियों ने पूरे समय फोन का इस्तेमाल किया। इस दौरान न केवल विभागीय काम करते रहे, बल्कि पारिवारिक जिम्मेदारियां भी फोन पर निभाते हुए नजर आए। व्यस्तताओं का आलम यह था कि कलेक्टर व अपर कलेक्टर आवाज लगाते रहे फिर भी इन पर कोई असर होता दिखाई नहीं दिया।
मंत्री चेतन कश्यप के गृह जिले में ये हाल
सीएम डॉ मोहन यादव की केबिनेट में मंत्री चेतन कश्यप के गृह क्षेत्र में अधिकारियों का क्या आलम है आप जनसुनवाई से लगा सकते हैं। प्रदेश के मुखिया ने जनसुनवाई की शुरूआत इसलिए की थी कि जनता के दुख को सुना जाए, लेकिन यहां तो अधिकारी अपनी ही मौज में लगे हैं। मंत्री जी को जिम्मेदार अधिकारियों को कड़े निर्देश देने चाहिए, ताकी आमजन की सुनवाई हो सके।
आगामी जनसुनवाई में ध्यान रखेंगे-
एडीएम आरएस मण्डलोई ने बताया कि जिला स्तरीय जनसुनवाई मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित की गई थी। इस दौरान 102 आवेदन प्राप्त हुए थे। संयुक्त कलेक्टर अनिल भाना, डिप्टी कलेक्टर विवेक सोनकर तथा संजय शर्मा ने जनसुनवाई करते हुए आवेदनों को निराकरण हेतु संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया था। रही बात अधिकारियों के फोन पर व्यस्त रहने की तो आगामी जनसुनवाई में इसका ख्यान रखा जाएगा। आवश्यक निर्देश भी दिए जाएंगे।