रतलाम। ब्रिटिश स्कूल की मान्यता को लेकर मध्यप्रदेश स्टूडेंट यूनियन ने आज जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में ना सिर्फ जमकर हंगामा किया बल्कि एक ऐसा अनूठा प्रदर्शन भी किया, जिसे देखकर हर कोई दंग रह गया। डीईओ ऑफिस का घेराव करने पहुंचे छात्रों ने अपने एक साथी छात्र के हाथों में हथकड़ी बांधी, उसे जेल की वेशभूषा पहनाई और जिला फिर जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय के लिए कूच कर गए। मध्यप्रदेश स्टूडेंट यूनियन ने करीब एक घंटे तक प्रदर्शन किया और ब्रिटिश स्कूल के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। जिस जिला शिक्षा अधिकारी के खिलाफ छात्र मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे, वहीं डीईओ जब ज्ञापन लेने आए तो छात्रों से उनकी बहस हो गई, लिहाजा बिना ज्ञापन लिए ही अपने केबिन में आ गए जिससे कि प्रदर्शन कर रहे छात्र भड़क गए। इधर डीईओ ने ओमती थाना पुलिस को एक पत्र लिखकर बताया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने उनका हाथ पकड़कर खींचा और अभद्रता भी की।
एमपी स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष अभिषेक पांडे ने आरोप लगाते हुए कहा कि एक तरफ कलेक्टर निजी स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं तो वहीं दूसरे तरफ जिला शिक्षा अधिकारी निजी स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करने की जगह खामोश बैठे हैं। एम.पी स्टूडेंट यूनियन के छात्रों ने आरोप लगाया कि वह ब्रिटिश फोर्ट स्कूल के फर्जीवाड़े को उजागर करने के लिए हर स्तर पर कोशिश करेंगे, फिर भले ही इसके लिए उन्हें फिर से जेल क्यों न जाना पड़े। अभिषेक पांडे का कहना है कि यदि हमारी सुनवाई इन दफ्तरों में नहीं हुई तो फिर हम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटएंगे। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी सैलरी तो शासन की ले रहे हैं, पर बातें शिक्षा माफिया की बोलते हैं। एमपी स्टूडेंट ने साफ कहा कि इस कुर्सी पर उसी को बैठने का अधिकार है जो छात्र हित में काम करें। एमपी स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष अभिषेक पांडे ने कहा कि मैं छात्रों की हक की लड़ाई में एक बार जेल जा चुका हूं, गया था और जेल जाने को तैयार हूं। एमपी स्टूडेंट यूनियन के छात्रों ने ब्रिटिश फोर्ट स्कूल के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए आरोप लगाया कि ब्रिटिश फोर्ट स्कूल को केवल आठवीं तक की मान्यता है जबकि 12वीं तक स्कूल चलाया जा रहा है इसी कड़ी में आज एमपी स्टूडेंट यूनियन ने जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।
मुर्दाबाद के नारे लगाए तो भड़क गए डीईओ
ब्रिटिश स्कूल के खिलाफ कार्रवाई ना करना और स्कूल प्रबंधन को शह देने से नाराज छात्रों ने जमकर हंगामा और नारेबाजी की। जिला शिक्षा अधिकार अपने केबिन में बैठे थे, तो बाहर छात्र जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे। करीब 20 मिनट तक चली नारेबाजी के बीच जब डीईओ ज्ञापन लेने आए तो छात्रों ने उनका हाथ पकड़ लिया, इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी भड़क गए और बिना ज्ञापने लिए ही अंदर चले गए। डीईओ के इस बर्ताव से छात्र भड़क गए और फिर नारेबाजी करना शुरू कर दिया। जिला शिक्षा अधिकारी का कहना है कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों की बाते सुनी जा रही थी, उनका ज्ञापन लेने भी गए थे, पर जब उन्होंने अभद्रता की तो मैं अदर आ गया। डीईओ का कहना है कि जिन छात्रों ने अभद्रता की है उनकी जानकारी पुलिस को दी जा रही है।
संगठन का अध्यक्ष जा चुका है जेल
करीब छह माह पहले ब्रिटिश फोर्ट स्कूल के खिलाफ मोर्चा खोलने के मामले में एमपी स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष अभिषेक पांडे को जेल की हवा खानी पड़ी थी। दो दिन तक अभिषेक पांडे जबलपुर जेल में बंद थे। उस दौरान भी एमपी स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष ने ब्रिटिश फोर्ट स्कूल के ऑफिस में घुसकर उनके संचालक अनुराग सोनी के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद प्रदीप सोनी ने स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी गिरफ्तारी करवाई थी।