डबरा। भितरवार विकास खंड के करही गांव बस्ती में क्षेत्रीय विधायक मोहन सिंह राठौर ने गांव में चौपाल लगाकर सहरिया आदिवासी समुदाय के लोगो की समस्याओ को सुना, दोपहर चिलचिलाती धूप और उमस भरी गर्मी के बीच भितरवार के भाजपा विधायक मोहन सिंह राठौड़ ने घाटीगांव ब्लॉक के करही गांव स्थित जनजातीय वर्ग की सहरिया आदिवासी कॉलोनी पर पहुंचे जहां उन्होंने सहरिया आदिवासी जनजाति वर्ग के लोगों के साथ जमीन पर बैठकर चौपाल लगाकर उनकी समस्याएं सुनी और आश्वासन दिया कि आपके हर दुख तकलीफ प्रदेश की सरकार और में आपके साथ हू। किसी भी परिवार के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
सुनवाई के दौरान सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा सामने यह आया कि 70 वर्षाे से सहरिया आदिवासी समाज के जो लोग अपनी जमीनों पर खेती किसानी कर के अपना और अपने परिवार का लालन- पालन करते हुए भरण- पोषण करते चले आ रहे थे। ऐसे 72 लोगों को शासन द्वारा वन अधिकार भूमि पर रेवेन्यू के पट्टे दिए थे, लेकिन कुछ दिन पूर्व वन विभाग द्वारा बलपूर्वक उक्त पट्टे की भूमि से मारपीट कर के उपरोक्त परिवारों को भगा दिया गया। साथ ही उक्त परिवारों की बहन -बेटियों सहित उनके भाई बांधुओं की मारपीट की जिससे उन्हेें चोटें भी आई, तो वहीं पुलिस द्वारा मारपीट से घायल लोगों के खिलाफ उल्टा मुकदमा दर्ज करा दिया गया उक्त घटना की जानकारी दूसरे दिन क्षेत्र के विधायक को लगी तो उन्होंने मुख्यमंत्री की वीसी के माध्यम से उक्त सभी 72 परिवारों के वन अधिकार की भूमि पर रेवेन्यू विभाग से जारी किए गए।
पट्टे की भूमि पर वन विभाग द्वारा बलपूर्वक वेदखली की थी, पीड़ित परिवारों पर की गई एफआईआर का विरोध वीसी में मौजूद प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं चीफ सेक्रेटरी से प्रदर्शित किया। जिस पर मुख्यमंत्री द्वारा वीसी के माध्यम से ग्वालियर कमिश्नर की देखरेख में कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, वन विभाग के डीएफओ आदि की कमेटी बनाने के निर्देश देते हुए कहा सहरिया आदिवासी समुदाय के लोगों पर दर्ज किए गए प्रकरणों की जांच करने एव उक्त घटना को अंजाम देने वाले अधिकारियों की जांच कराकर कार्यवाही के निर्देश दिए।