भोपाल। लोकतंत्र दिवस पर लोकतंत्र सेनानियों का सम्मेलन और समागम समारोह भोपाल में आयोजित किया गया। इसमें सेनानियों के हितार्थ अनेक सुविधाओं की घोषणा की गई। सम्मेलन में इंदौर से पहुंचे पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। बड़ी संख्या में लोकतंत्र के पदाधिकारी और सदस्य पहुंचे। सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानी संघ के त्याग बलिदान की सराहना करते हुए सेनानियों के हितार्थ अनेक सुविधाओं की घोषणा की।
1975 में इंदिरा गांधी ने अपने राजनैतिक स्वार्थ के लिए संविधान को कुचलकर देश में आपातकाल लागू कर लाखों जननेताओं, कार्यकर्तागणों को जेलों में बंद कर दिया था। सैंकडों लोग मार दिए गए। इस दिवस को लोकतंत्र का कलंक माना गया था। जेल की यातना से बच गए भारतीय लोकतंत्र सेनानी बनाये गए।
लोकतंत्र सेनानियों के सम्मेलन समागम में सेनानी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व संसद सदस्य कैलाश सोनी, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष संतोष शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष तपन भौमिक, प्रदेश उपाध्यक्ष गणेश अग्रवाल और इंदौर के जिला अध्यक्ष गिरीश शर्मा ष्आदित्यष् ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानी संघ के त्याग बलिदान की सराहना की और सेनानियों के हितार्थ अनेक सुविधाओं की घोषणा की।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों को सर्किट हाउस विश्राम गृह में तीन दिन ठहरने की अनुमति और शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। सभी लोकतंत्र सेनानियों को ताम्रपत्र से सम्मानित किया जाएगा। टोल नाकों पर शुल्क में छूट मिलेगी। प्रदेश में आरंभ एयर टैक्सी में यात्रा पर किराए में 25 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। पीएमश्री एयर एंबुलेंस योजना का लाभ लोकतंत्र सेनानियों को भी मिलेगा। दिवंगत लोकतंत्र सेनानियों का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। साथ ही अंत्येष्टि के लिए 10 हजार रुपए की राशि देने का प्रावधान किया जा रहा है। आपातकाल का संघर्ष में पाठ्यक्रम को भी शामिल किया जाएगा। लोकतंत्र सेनानियों के बच्चों को उद्योग के लिए प्रशिक्षण और रोजगार का प्रबंध भी सरकार द्वारा किया जाएगा।