शाजापुर। जिला अस्पताल में भी अब कैंसर से पीड़ित मरीजों का इलाज किया जाएगा। मरीजों को इसके पहले अन्य शहरों में जाकर इलाज करवाना पड़ता था। लेकिन अब इसका इलाज यहीं हो सकेगा इस लिए खर्च भी कम होगा।
जिला अस्पताल में पदस्थ आरएमओ डॉ सचिन नायक ने बताया कि अब कैंसर से पीड़ित मरीजों को बाहर जाने की आवश्यकता नहीं है, जिला अस्पताल में ही उन्हें महंगी दवाएं उपलब्ध करवाकर इलाज किया जाएगा। राजस्थान के अकलेरा से एक महिला सोनू शर्मा को चेस्ट कैंसर होने पर जिला अस्पताल में लाया गया। यहां मरीज के परिजनों को समझाइश देकर उन्हें कीमोथेरेपी दी गई। महिला के पति नरेश शर्मा ने बताया पत्नी के चेस्ट में कैंसर की गठान थी, यहां इलाज करवाया जा रहा है।
डॉ सचिन नायक की जानकारी देते हुए बताया कि जिला अस्पताल में कीमोथेरेपी का उपचार पूरी तरह निशुल्क है, जबकि निजी अस्पताल में कीमोथेरेपी करवाने पर एक बार में 12 से 15 हजार का खर्च आता है। इस कीमोथेरेपी के उपचार में तीन से चार घंटे का समय लगता है और उपचार में लगने वाले इंजेक्शन और में तमाम संसाधन आईसीयू में उपलब्ध है। जिसके जरिए मरीज का उपचार किया जाता है।
कीमोथेरेपी की निर्धारित प्रक्रिया के तहत मरीजों को समय-समय पर बुलाया जाता है और उपचार के बाद वापस घर भेज दिया जाता है। जिला अस्पताल के डॉक्टर जितेंद्र मौर्य, सचिन नायक, दीपक पाटीदार, केपी शर्मा, अरुण पाटीदार यह सभी डॉक्टर कीमोथेरेपी के उपचार में अपना दिशा निर्देश देते हैं। सीमावर्ती राजस्थान और दूर दराज के मरीज भी कीमोथेरेपी के लिए जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं।