मुरैना। मप्र विद्युत एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव शनिवार को मुरैना दौरे पर आए और बिजली सप्लाई की हकीकत जानने के लिए एसपी बंगले के ठीक सामने वाली दो गलियों में पहुंच गए। यहां तीन से चार-चार मंजिला आलीशान मकानों में चार से पांच-पांच एसी लगे थे, बाहर दो-दो कारें खड़ी थीं। एसीएस ने जब इन घरों के बिजली बिल का पूछा तो, पता चला कि इन आलीशान मकानों में बिजली मीटर ही नहीं। सम्पन्न लोगों ने सब्सिडी के तहत 150 यूनिट आंकलित खपत का बिल तय करवा रखा है, जिसके तहत महज 300 रुपये महीने का बिल आता है। कमाल की बात यह है, कि 300 रुपये के मामूली बिल को भी यह प्रभावशाली जमा नहीं करते।
बिजली विभाग के एसीएस मनु श्रीवास्तव के साथ संभाग आयुक्त संजय कुमार झा, एसपी शैलेंद्र चौहान, प्रभारी कलेक्टर डा. इच्छित गढ़पाले, बिजली कंपनी के सीजीएम राजीव गुप्ता आदि दर्जनों अधिकारी सबसे पहले एमएस रोड, एसपी बंगले के सामने गायत्री कालोनी में भाजपा नेता हरिओम शर्मा वाली गली में पहुंचे। इस गली में 32 सम्पन्न लोगों के आलीशान घर हैं, जिनमें से केवल चार उपभोक्ता ही बिजली बिल जमा करते हैं, बाकी पर एक से तीन-तीन लाख रुपये तक बकाया है। यह तीन-तीन मंजिला मकानों में बिजली के मीटर नहीं मिले। इन घरों के बाहर कारें खड़ीं थीं। यह देखकर संभाग आयुक्त ने कहा, कि ऐसे बकायदारों के वाहन जप्त कर बिल वसूल किया जाए। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में पहुंची प्रशासन की टीम को देखकर लोगों ने घरों के दरवाजे बंद कर लिए, दरवाजा खटकाने के बाद भी लोगों ने दरवाजे नहीं खोले। इस गली के बाद एसीएस पेट्रोल पंप वाली गली में पहुंचे, यहां 62 घरों के कनेक्शनों में से 23 पर 30 लाख रुपये से ज्यादा का बकाया है। पूरन सिंह पुत्र महाराज सिंह के चार मंजिला मकान के बाहर खड़े होकर एसीएस ने पूछा, कि इस घर का बिल कितना आता है, तो बताया गया, कि इसमें सब्सिडी वाला कनेक्शन है, 150 यूनिट का 300 रुपये बिल आता है। जबकि घर मेें एसी, सीसीटीवी कैमरे आदि लगे थे। पास में ही एक अन्य भव्य मकान देखा, जिसमें रामबाई के नाम से 150 यूनिट का बिल आता है। इस घर में एसी से लेकर अन्य सुविधाएं थीं, पर बिजली का मीटर नहीं था। बिजली कंपनी के कर्मचारी ने बताया कि कई बार मीटर लगाने आए, लेकिन यह लोग मारपीट पर अमादा हो जाते हैं। यह हालत देखकर एसीएस ने कहा, कि बकायदारों के कनेक्शन काटे जाएं, बिल की वसूली होने पर ही बिजली सप्लाई दी जाए।