चित्तौड़गढ। वर्ल्ड हेरिटेज में शुमार चित्तौड़गढ़ दुर्ग देश और दुनिया में अपनी खूबसूरती, संस्कृति, वास्तुकला के लिए फेमस है। लेकिन यहां आने वाले पर्यटकों को दी जाने वाली सुविधाएं उनको रास नहीं आ रही है। दीपावली के दिन ही चित्तौड़गढ़ आई पैलेस ऑन व्हील में आए पर्यटकों ने दुर्ग स्थित पद्मनी पैलेस और कुम्भा पैलेस के शौचालयों की हालत देख अपनी नाराजगी जताई।
इस संबंध में पैलेस ऑन व्हील के डायरेक्टर और ओ एंड एम ऑपरेटर ने जिला कलेक्टर और राजस्थान पुरातत्व विभाग को एक लेटर लिख कर व्यवस्थाओं को ठीक करवाने की बात कही। वहीं, कलेक्टर के संज्ञान में आते ही उन्होंने इसकी जानकारी ली। साफ सफाई का आदेश दिया है। एसडीएम ने भी एएसआई को नोटिस दिया है।
गंदे टॉयलेट देखकर नाराज हुए पर्यटक
पैलेस ऑन व्हील्स भारत की सबसे लग्जरी ट्रेनों में से एक मानी जाती है। इसमें अंतरराष्ट्रीय मेहमानों को राजस्थान की सुंदरता और विरासत का अनुभव कराने के लिए लाया जाता है। चित्तौड़गढ़ दुर्ग सिर्फ शौर्य, वीरता और भक्ति के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी खूबसूरती, वास्तुकला और संस्कृति के लिए भी एक अलग ही पहचान रखता है।
कई पर्यटकों ने चित्तौड़गढ़ दुर्ग को देखने के बाद इसे ज्यादा प्रचार प्रसार के लिए अपनी राय दी है। यहां तक की केंद्र सरकार की ओर से भी आजादी के 75 साल का अमृत महोत्सव के लिए भी चित्तौड़गढ़ दुर्ग को अपने प्रोग्राम के लिए चुना था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात के 100वें एपिसोड का प्रसारण भी विश्वविख्यात दुर्ग के कुम्भा पैलेस में आयोजित किया गया था। ऐसे में सिर्फ भारत से ही नहीं दुनिया से भी पर्यटक चित्तौड़गढ़ दुर्ग घूमने के लिए आते हैं। पैलेस ऑन व्हील्स से आने वाले पर्यटकों को भी चित्तौड़गढ़ दुर्ग स्पेशल रूप से घुमाया जाता है। लेकिन दीपावली के दिन पैलेस ऑन व्हील के जरिए घूमने आए विदेशी पर्यटकों को जब चित्तौड़गढ़ किले में लाइट एंड साउंड शो के लिए ले जाया गया तो इस दौरान उन्हें काफी खराब एक्सपीरियंस हुआ।
टॉयलेट्स के खराब स्थिति पर दिया फीडबैक
जब पर्यटक पद्मिनी पैलेस और कुम्भा पैलेस के टॉयलेट गए तो उन्हें टूटे हुए टॉयलेट के टाइल्स, ठहरा हुआ पानी, मकड़ी के जाले और बदबू देखने को मिला। पर्यटकों ने यहां से जाने के बाद पैलेस ऑन व्हील में एक बुरे एक्सपीरियंस के रूप में उन्होंने अपना फीडबैक दिया। उन्होंने टॉयलेट्स के फोटोज भी खींचे और ट्रेन प्रबंधक को भी दिए। चित्तौड़गढ़ दुर्ग की व्यवस्थाओं लेकर नाराजगी भी जताई। इन व्यवस्थाओं को लेकर राजस्थान पर्यटन की भी किरकिरी हुई है। हालात ऐसे बन गए की पैसेंजर शो खत्म होने से पहले ही स्टेशन के लिए अपने एसी बस में जाकर बैठ गए। विरासत की इन महलों में अव्यवस्था को लेकर ट्रेन प्रबंधन ने चित्तौड़गढ़ के कलेक्टर को पत्र लिखकर पूरे हालात को बताया। इसके अलावा भी राजस्थान पुरातत्व विभाग को भी जानकारी दी। ट्रेन प्रबंधन ने लेटर में स्वच्छता, भौतिक स्थिति और बुनियादी सुविधाओं को लेकर जिक्र किया है।