चीताखेड़ा। भू -स्वामित्व योजना के अंतर्गत पूर्व में किसी तकनीकी त्रुटिवश नंबरिंग होने के कारण एक बार फिर से ग्रामीण इलाकों की आबादी में ड्रोन सर्वे के ज़रिए ज़मीन के प्लॉटों का मैप तैयार करना और संपत्ति मालिकों को कानूनी स्वामित्व कार्ड देना है। जिला कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के शक्त निर्देश पर इस योजना के तहत, ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को उनके आवासीय अधिकारों से जुड़े दस्तावेज़ मिलते हैं।
भू-स्वामित्व योजना के तहत चला अभियान बुधवार शाम 6 बजे से देर रात साढ़े दस बजे तक गर्म ऊनी वस्त्रों में लिपटे तहसीलदार नवीन गर्ग , नायब तहसीलदार कमलेश डूडवे, पटवारी नरेन्द्र योगी, पटवारी प्रदीप पाटीदार, पटवारी पंकज शर्मा, पटवारी दीपक बसेर, सचिव नवीन पाटीदार, सहायक सचिव विमलेश शर्मा, चौकीदार छगन लाल परमार, चौकीदार परतें सिंह सिसौदिया, कलाम चूडीगर घर-घर जाकर खटखटाया दरवाजा और संशोधित नवीन नक्शे के आधार पर हितग्राहीयों से आधार कार्ड और समग्र आईडी लेकर नवीन नंबरिंग की गई है। चीताखेड़ा में स्थित प्लॉट्स के मालिको से उनके प्लॉट्स के मैपिंग के लिए दस्तावेजों को एकत्रित करने का विशेष डोर टु डोर अभियान किया। चले अभियान के दौरान तहसीलदार नवीन गर्ग ने ग्रामीणों को समझाइश देते हुए कहा कि सभी मकान और दुकान मालिक अपने- अपने स्वयं के आधार कार्ड और समग्र आईडी व मोबाइल नंबर सहित मौके पर मौजूद रहे। जिनके पास उपलब्ध नहीं है वो दो दिन में पटवारी या चौकीदार को जमा करवाए नहीं दिये तो तीसरे दिन मकान शासकीय घोषित कर दिया जाएगा।