उज्जैन। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के चौथे दिन कालिदास अकादमी में आयोजित कार्यक्रम में सीएम मोहन यादव शामिल हुए।
इस दौरान उन्होंने कहा कि भोपाल में भगवत भक्तों ने गीता पाठ कर एक अनूठा विश्व रिकॉर्ड बनाया है। हम मध्यप्रदेश में गीता को पाठ्यक्रम में सम्मिलित कर रहे है, ताकि युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और शिक्षा से जोड़ा जा सके। उन्होंने बताया कि गीता पर आधारित स्कूली छात्रों की प्रतियोगिता में 45 लाख से अधिक बच्चों ने भाग लिया और पुरस्कार जीते।
इस अवसर पर सीएम ने ‘श्रीकृष्ण पाथेय’ योजना का भी जिक्र किया, जिसके तहत प्रदेश में भगवान श्री कृष्ण से जुड़े सभी स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जहां भगवान श्री कृष्ण के चरण पड़े थे, वहां तीर्थस्थल बनाए जाएंगे।
श्रीमद्भगवद गीता प्रचार रथ रवाना हुआ
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने इस्कॉन मंदिर द्वारा तैयार गीता प्रचार रथ को पूजा अर्चना के बाद रवाना किया, जो पूरे भारत में भगवद गीता का प्रचार करेगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अकादमी परिसर में श्श्रीमद्भागवत पुराणश् की पहाड़ी शैली में निर्मित चंबा के कलाकार विजय शर्मा की चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इसके साथ ही मंच पर सीएम ने श्रीमद्भगवद गीता एवं मूल्य आधारित शिक्षा पर आयोजित छात्रों की प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए। प्रथम पुरस्कार ₹1 लाख क्रिसमार्टिन लाइजिन और प्रज्ञा साहू को, द्वितीय पुरस्कार ₹51 हजार तनिश कीर को, तथा तृतीय पुरस्कार ₹21 हजार विकास अहिरवार और समृद्धि सोनी को दिया गया। क्रिसमार्टिन ने इस मौके पर कहा कि वह ईसाई परिवार से संबंधित होने के बावजूद भगवद गीता का अध्ययन करते हैं और उसका सम्मान करते हैं।