ग्वालियर। मध्य प्रदेश के विजयपुर विधानसभा उपचुनाव में मिली हार के बाद सत्ता में काबिज भाजपा संगठन पर बना मनोवैज्ञानिक दबाव दूर हो गया है। भाजपा ने प्रदेश में अपने मुख्य संगठन चुनाव से पहले नगरीय निकाय उपचुनाव में बड़ी जीत हासिल की है। यह जीत भाजपा के लिए क्यों जरूरी थी, पढ़िए ये खास खबर।
कार्यकर्ताओं पर बन गया था मनोवैज्ञानिक दबाव
एमपी के ग्वालियर चंबल अंचल से आने वाली विजयपुर विधानसभा सीट पर प्रदेश सरकार के वन मंत्री और प्रत्याशी रामनिवास रावत को कांग्रेस के आदिवासी कार्ड के सामने करारी हार का सामना करना पड़ा था। विजयपुर सीट पर दिग्गजों द्वारा झोंकी गई पूरी ताकत के बावजूद हार मिलने से कहीं ना कहीं अंचल और प्रदेश के कार्यकर्ताओं पर मनोवैज्ञानिक दबाव बन गया था और इस बीच उनके सामने आ खड़े हुए नगरीय निकाय उपचुनाव। यही वजह रही की बीजेपी के लिए यह नगरीय निकाय उपचुनाव जीतना बेहद जरूरी था। ताकि अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं पर बने मनोवैज्ञानिक दबाव को दूर किया जा सके। ऐसे में प्रदेश के नगरीय निकाय उपचुनाव में बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर के बाद जो परिणाम सामने आए हैं उसने बीजेपी पर बने मनोवैज्ञानिक दबाव से मुक्त कर दिया है।