भोपाल। बॉलीवुड एक्टर रणदीप हुड्डा मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार के एक साल पूरे होने के कार्यक्रम में शामिल होने शुक्रवार को भोपाल में थे। राजधानी के रविन्द्र भवन में आयोजित विरासत महोत्सव में उन्होंने सीएम डॉ. मोहन यादव को डिजिटल गीता भेंट की। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग, कृष्णा गौर, विधायक भगवानदास सबनानी, महापौर मालती राय नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, पीएस शिवशेखर शुक्ला भी मौजूद रहे।
सीएम ने हुड्डा को दिया चुनाव लड़ने का ऑफर
सीएम ने कहा- रणदीप हुड्डा को लोकसभा चुनाव लड़ने का ऑफर दिया गया था। उस समय उन्होंने कहा था कि राजनीति में आने से पहले फिल्मों में मुकाम हासिल करना है। इसके बाद मुख्यमंत्री ने कहा- जब भी आप राजनीति में आओगे आपका तब स्वागत है।
हुड्डा बोले- एमपी मेरी सुकून भूमि
कार्यक्रम में एक्टर रणदीप हुड्डा ने कहा- मप्र में प्रकृति, संस्कृति और विकास का तालमेल चल रहा है। डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में आज एक साल का कार्यकाल हो गया है। मैं हरियाणा से हूं। जहां श्री कृष्ण ने गीता का पाठ पढ़ाया और आज मैं मप्र में हूं, जहां पर उन्होंने अपने गुरुओं से वो पाठ सीखा। मैं खुद को सौभाग्यशाली मानता हूं।
एक्टर रणदीप हुड्डा ने कहा-
मैं हमेशा कहता हूं कि हरियाणा में मेरी जन्मभूमि है। मुंबई मेरी कर्म भूमि है और जब से मैं मप्र आने लग गया हूं, मप्र मेरी सुकून भूमि है। यहां की प्रकृति और पर्यटन और आगे बढ़ता रहे। मैं इसके साथ जुड़्ना चाहूंगा। मेरी सीएम साहब से बात हुई, यहां एक फिल्म सिटी और फिल्म इंस्टीट्यूट खोलना चाहिए ताकि यहां के लोगों को फिल्मों में आने का प्रोत्साहन मिले। देश से ही नहीं विदेशों से लोग यहां मप्र आकर फिल्म सिटी में शूटिंग करें और मप्र का प्रचार पूरे विश्व में हो।
सीएम ने कहा- हुड्डा जी अब मप्र के हुए हैं
सीएम ने कहा- उनका हमारा डबल रिश्ता हुआ है। वो रिश्ता ये है कि हुड्डा जी अब अपने मप्र के भी हुए हैं। हरियाणा वो हरि की भूमि है, जहां से आपने अभिनय की अलख जगाते हुए मुंबई के चित्रपट संसार में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
सीएम ने कहा-
आज हमारे बीच आए हुड्डा जी बता रहे थे कि वो अपने पापा से मजाक कर रहे थे। ये बात सही है कि उनको लोकसभा में भी ऑफर किया गया था कि आप चुनाव लड़ लो। लेकिन, उन्होंने कहा कि मुझे अभी राजनैतिक क्षेत्र के पहले फिल्मी दुनिया में अपना बड़ा मुकाम हासिल करना है। कोई बात नहीं, आपकी भावना है, जब आप आओगे तब आपका स्वागत। हमारा ये क्षेत्र इतना बढ़िया है कि 5 साल का बच्चा भी आए तो स्वागत और 85 साल का कोई व्यक्ति आए तो भी स्वागत है।