रतलाम। आयुक्त खाद्य, नागरिक, आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय म.प्र. के निर्देशानुसार गेहूं के व्यापार में स्टाक सीमा लागू करने के सम्बन्ध में भारत सरकार द्वारा अधिसूचना जारी कर विशिष्ट खाद्य पदार्थों पर लायसेंसी अपेक्षाएं, स्टाक सीमा और संचलन प्रतिबद्ध हटाना (संशोधन) आदेश 2023 लागू किया गया है, जिसमें 31 मार्च 2025 तक की अवधि के लिए गेहूं रखने की निर्धारित अधिकतम सीमा में निम्नानुसार संशोधन किया गया है।संशोधन अनुसार व्यापारी, थोक विक्रेता 1 हजार टन, रिटेलर प्रत्येक रिटेल आउटलेट के लिए 5 टन, बिग चेन रिटेलर प्रत्येक आउटलेट के लिए 5 मैट्रिक टन और उनके सभी आउटलेट और डिपो पर स्टाक की अधिकतम मात्रा (आउटलेट की कुल संख्या से 5 गुणा) टन तथा प्रोसेसर्स मासिक स्थापित क्षमता का 50 प्रतिशत मात्रा को अप्रैल 2025 तक शेष महिनों से गुणा के बराबर।जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी रतलाम ने बताया कि जिले की उपरोक्त समस्त इकाइयां भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के पोर्टल पर स्टाल दर्ज करेंगे और प्रत्येक शुक्रवार को उक्त पोर्टल पर स्टाक की अद्यतन जानकारी की प्रविष्टि कराएंगे। यदि उनके पास धारित स्टाक निधारत सीमा से अधिक है तो वे इस अधिसूचना के जारी होने की तारीख से 15 दिनों के भीतर इन निर्धारित स्टाक सीमा तक लाएंगे। जिले के समस्त रिटेलर एवं ऐसे व्यापारी जो एफएसएसएआई अथवा मण्डी से अनुज्ञप्ति ले चुके हैं, वे तत्काल उक्त पोर्टल पर गेहूं की प्रष्विटि कराएंगे।जिले के व्यापारी, थोक विक्रेता, रिटेलर, बिग चेन रिटेलर और प्रोसेसर्स इकाइयों को भारत सरकार के निर्देशों एवं अधिसूचना का अनिवार्यतः पालन करना होगा अन्यथा म.प्र. गेहूं (अधिकतम स्टाक सीमा एवं स्टाक घोषणा) नियंत्रण आदेश 2024 के तहत कार्यवाही की जाएगी।