सेगांव। नगर के जिरातपूरा फाटे पर जनजाति कार्य विभाग की एकलव्य नवीन स्कूल भवन का निर्माण कार्य चल रहा है, किंतु भवन में काम करने वाले मजदूरों की जान की सुरक्षा को लेकर विभाग ओर ठेकेदार ने कोई इंतजाम नहीं किए।
पापी पेट के लिए जान हथेली पर रख मजदूर कर रहे हैं मजदूरी
एकलव्य स्कूल के निर्माण कार्य में मजदूरों की असुरक्षा एक बड़ा मुद्दा बन गया है। निर्माण कार्य में मजदूरों द्वारा जुड़ाई सेंटीन तथा अन्य काम बिना सुरक्षा उपकरणों के किया जा रहा है।जिसमें ना ही मजदूरों के सर पर हेलमेट है और ना ही सेप्टी बेल्ट का उपयोग हो रहा है। यह बहुत ही खतरनाक स्थिति है। और इसका नतीजा भयानक हो सकता है। यहां तक कि साइड इंजीनियर और उनके साथी भी बिना सुरक्षा किट के ही मनमानी पर उतारू होकर घूम रहे थे। इसके अलावा बिल्डिंग के बाहर की ओर काम करने के लिए लगाए गए पाइप पर बड़ी बड़ी सेंटिंग प्लाई भी मजदूर लटक लटक कर लगा रहे है। जिससे मजदूर के गिरने से कभी भी जन हानि हो सकती है।
इस मामले में निर्माण कंपनी से लेकर विभाग तक की बड़ी लापरवाही दिखाई दे रही है। जिससे मजदूरों का भविष्य भी खतरे में नजर आ रहा है। ऐसा सिर्फ एक स्थान पर नहीं पूरे क्षेत्र में अन्य स्थानों पर भी यही हाल है।
वहीं साइड पर घटिया कार्य हो रहा जिसमें भरे हुए कॉलम में रेत गिट्टी अलग ही दिखाई दे रही हैं। मीडिया द्वारा साइड का दौरा किया गया। जहां पर सीमेंट की ईट का ढेर लगा हुआ था। जिसमें उसकी क्वालिटी घटिया स्तर की दिख रही थी। वहीं पूरे इलाके में कोई जवाबदार आदमी नहीं दिखा। जो कुछ बता पाए वही पूरे इलाके में इतने बड़े प्रोजेक्ट की क्या लागत है। निर्माण एजेंसी का नाम,जानकारी का बोर्ड भी नहीं है। जिससे जानकारी मिल पाए की कितनी राशि ओर कितने समय पर कितने क्षेत्र में एकलव्य स्कूल बन कर तैयार होगी। बोर्ड नहीं लगा कर जनता से विभाग ओर जिम्मेदार महत्वपूर्ण जानकारियों को छुपाया जा रहा है।
जब जनजाति कार्य विभाग के सहायक आयुक्त प्रशांत आर्य से इस विषय में चर्चा की तो बात करने से बचते नजर आए। वही सहायक संचालक अवध प्रताप गुप्ता ने बताया कि कौन काम कर है। पता नहीं। केंद्र सरकार का काम है। वहीं से हो रहा है।