नीमच। 1971 के युद्ध में पाकिस्तान पर भारत की जीत की याद में मनाए जाने वाले विजय उत्सव का आयोजन आज अखिल भारतीय पूर्व सैनिक परिषद जिला नीमच द्वारा शहर के मनासा रोड स्थित शहीद पार्क में किया गया। उल्लेखनीय है कि इस युद्ध के परिणाम स्वरूप बांग्लादेश को आजादी मिली थी।
नीमच के शहीद पार्क में पूर्व सैनिकों, अतिथियों, गणमान्य नागरिकों और छात्र-छात्राओं द्वारा 53 वे विजय दिवस के अवसर पर भारतीय इतिहास की महत्वपूर्ण उपलब्धि में देश के सशस्त्र बलों की बहादुरी और बलिदान को याद कर अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा ने कहा कि देशभक्ति का अर्थ यह भी है कि जो भी गलत हो रहा है उसके सुधार में हम अपना योगदान दें। पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष राकेश पप्पू जैन ने कहा कि हम ऐसी धरती पर पैदा हुए जहां राष्ट्रभक्ति की खुशबू तेरती है।
इतिहासकार सुरेंद्र शक्तावत ने विजय दिवस को भारतीयों के गौरव और शहीदों के प्रति सम्मान का प्रतीक बताया।आरआई विक्रम सिंह भदोरिया ने कहा कि 16 दिसंबर 1971 के दिन हमने बहुत कम समय में बड़ी विजय हासिल की।कृति अध्यक्ष बाबूलाल गौड़ ने विजय दिवस की शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम में 1971 के युद्ध के साक्षी रहे नीमच के पूर्व सैनिक वली मोहम्मद आर सी बोरीवाल, नरेंद्र सिंह जगरवाल, नारायण सिंह झाला और छतर सिंह गहलोत का अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर रन फॉर यूनिटी में भाग लेने वाले विजेताओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन परिषद के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह परिहार ने किया।