BREAKING NEWS
KHABAR : आचार्यों को मिला आधुनिक शिक्षण का.. <<     KHABAR : पंडित हूं लाख गैर हूं, हूं पर हुसैन का..., शेर.. <<     खरगोन में रोटरी क्लब का शपथ ग्रहण समारोह, नए.. <<     BIG REPORT : पूछताछ काउंटरों के संचालन को आउटसोर्स.. <<     खरगोन में निकलेगी भव्य कांवड़ यात्रा, श्रावण.. <<     REPORT : कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने आरोपी दुर्गेश.. <<     NEWS : आरपीएससी ग्रेड सेकेंड एग्जाम शांतिपूर्ण.. <<     VIDEO NEWS: दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर सियासी.. <<     VIDEO NEWS: पार्टी पहले, मतभेद बाद में... दतिया पर बोले.. <<     VIDEO NEWS: बोवनी पूरी... अब बारिश नहीं तो बढ़ेगी.. <<     REPORT : आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, 8 प्रकरण.. <<     KHABAR : देवास में तीन दिवसीय कम्युनिटी मीडिएशन.. <<     KHABAR : विश्व जनसंख्या दिवस पर जागरूकता अभियान.. <<     REPORT : जरूरत पड़ने पर अभिभावकों को दें 3 दिन का समय,.. <<     KHABAR : मंदसौर में तीन दिन से बारिश का इंतजार, उमस.. <<     KHABAR : जिला चिकित्सालय में शिशु मृत्यु समीक्षा.. <<     मुरैना में बंदूक की नोक पर डकैती, महिला से.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
December 17, 2024, 1:52 pm
NEWS : एक्सीलेंस सेंटर में 2 टन सीताफल का हुआ उत्पादन, रिसर्च किए हुए पेड़ों का पहली बार किया टेंडर, 41 हजार में छूटा ठेका, पढे़ खबर 

Share On:-

चित्तौड़गढ़। सीताफल एक्सीलेंस सेंटर में रिसर्च किए हुए पौधों से इस बार अभी तक 2 टन सीताफल का उत्पादन हुआ है। इस साल पहली बार केंद्र की ओर से सभी सीताफलों का टेंडर किया गया था। यह टेंडर 41 हजार रुपयों का हुआ था। जबकि पिछली बार सीताफलों का पल्प निकाल कर एक्सीलेंस सेंटर के डीप फ्रिज में ही रखा गया था। अधिकारियों का कहना है कि इस साल बार-बार बदलते मौसम और दीपावली तक भी गर्मी होने की वजह से सीताफल के पेड़ों पर लगे फूल भी झड़ गए थे, इसलिए इस बार उत्पादन भी कम हुआ है।


बदलते मौसम की मार फलों पर पड़ी
सीताफल एक्सीलेंस सेंटर के उप निदेशक राजाराम सुखवाल ने बताया कि इस साल बार-बार मौसम में बदलाव हो रहा था। गर्मी थी तेज पड़ी थी। गर्मी का असर नवंबर महीने तक था। बरसात भी रुक-रुक कर हुई, जिसके कारण सीताफल के पेड़ों पर लगे फूल भी झड़ गए थे। वहीं, बदलते मौसम की मार सीताफल के फलों पर काफी पड़ी है।


इस बार पहले से ही तय किया गया था कि सीताफलों को टेंडर प्रक्रिया के जरिए बेच दिया जाएगा, जिससे राजस्व आय होगी। इस बार आईपी फ्रूट्स को यह टेंडर दिया गया है। जबकि पिछली बार एक्सीलेंस सेंटर में ही फलों के पल्प निकालकर डीप फ्रीज में रख दिया गया था। पिछले साल लगभग 350 किलो पल्प निकल गया था। उन्होंने बताया कि अभी भी 100 किलो पल्प स्टॉक में है। जिसकी जैसी भी डिमांड रहती है उस हिसाब से पल्प हम अवेलेबल करवा देते हैं।


बालानगर क्वालिटी के सीताफलों की रही डिमांड
आईपी फ्रूट्स के मालिक हितेश रोगानी ने बताया कि इस बार 41 हजार में ठेका लिया है। अब तक कुल 2 टन सीताफल हार्वेस्ट कर चुके हैं। सबसे ज्यादा बालानगर क्वालिटी के सीताफलों की डिमांड रही है। इसके बाद सुपर गोल्ड की भी डिमांड मार्केट में देखी गई है। होलसेल 20 से 50 रुपयों के बीच सीताफलों की बिक्री हुई है। जबकि 80 से 100 रुपए में सीताफलों की रिटेल में बिक्री हुई है।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE