इंदौर। मध्य प्रदेश में जागरूकता के बाद भी डिजिटल अरेस्टिंग के मामले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। एक बार फिर प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में सॉफ्टवेयर इंजीनियर को डिजिटल अरेस्ट किया गया। इस बार आरोपियों ने तीन चार घंटे के लिए नहीं बल्कि तीन दिन तक युवक को ऑनलाइन अरेस्ट करके रखा।
जानकारी के अनुसार, टीसीएस में काम करने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर मोहित मौर्य को ठगों ने डीएचएल अधिकारी बनकर तीन दिनों तक ऑनलाइन अरेस्ट करके रखा। एडीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि, युवक तीन दिन से परिजनों का फोन नहीं उठा रहा था जिससे परेशान परिजन पुलिस के पास पहुंचे। इसके बाद युवक के मोबाइल की लोकेशन निकाल कर वे खुद टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि, उन्हीं के पास में फरियादी के परिचित वकील अक्षय तिवारी द्वारा फोन लगाया गया था कि उनके मित्र को ऑनलाइन अरेस्ट किया गया है। पीड़ित मोहित मौर्य को एक ऑनलाइन कॉल आया था। जिसमें उन्हें कहा गया था कि डिजिटल करियर में ड्रग्स और कई संधिगत वस्तुएं मिली है। इसके कारण आपको ऑनलाइन अरेस्ट किया जा रहा है। फरियादी को बताया गया कि उसका कॉल सीधे तौर पर दिल्ली में साइबर क्राइम ट्रांसफर किया गया और इसी तरह पर कई घंटे तक उसे डराया धमकाया जाता रहा। इसके बाद मौके पर पुलिस पहुंची और फरियादी मोहित मौर्य को साइबर अपराधियों से मुक्त कराया गया है।
होटल पहुंची पुलिस टीम ने देखा कि युवक को डिजिटल अरेस्ट करके रखा है। इसके बाद एडीसीपी राजेश दंडोतिया ने सायबर अपराधियों से बात की। और एक स्क्रीनशॉट भी लिया। बताया जा रहा है कि, फरियादी युवक ने एक लाख का लोन लेकर आरोपियों को दिया था। सायबर अपराधियों ने स्काइप आई डी के माध्यम से आधार कार्ड और दस्तावेज़ लिए थे। इसके साथ ही तीन बैंक अकाउंट की भी जानकारी अपराधियों ने मांगी थी। ऑनलाइन रूप से कैद हुए फोटो के आधार पर पुलिस ने आरोपी पर 30 हजार का इनाम घोषित किया।