नीमच। कल नीमच नगर पालिका परिषद का जो सम्मेलन बुलाया गया है, वह पूरी तरह विधि और नियम विरुद्ध है। इस सम्मेलन को लेकर मेरी असहमति है। यदि इस सम्मेलन में कोई पार्षद, सीएमओ या उपाध्यक्ष सम्मिलित होता है तो इसे पद का दुरुपयोग माना जाना चाहिए। ऐसे लोगों को अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए।
यह बात नीमच नगर पालिका अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा ने आज टाउन हॉल में आयोजित पत्रकार वार्ता में कही। स्वाति चोपड़ा ने कहा कि राजराजेश्वरी संस्था की नीतू सिंह द्वारा जमीन के आवंटन को लेकर सत्र बुलाने की मांग की गई थी। जिसको लेकर मुझे पत्र भी दिए गए थे। मेरे द्वारा इस बारे में शासन और जनप्रतिनिधियों को तीन बार लिखित रूप से मना कर दिया गया है। इस तरह का प्रस्ताव लाना और जमीन का आवंटन शहर हित में नहीं होगा। पत्रकारों के सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि मैं असक्षम और असमर्थ नहीं हूं। जब उनसे पूछा गया कि सम्मेलन का विषय श्नगर पालिका की संपत्ति को खुर्द बुर्द करने के प्रयास को रोकना और नियंत्रित करनाश् इस संदर्भ में है, इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि गलत एजेंडा है। पत्रकारों ने उनसे यह भी पूछा कि आपका पार्षद ही आपके साथ नहीं है। इस पर स्वामी चोपड़ा ने कहा कि उन्हें गुमराह किया गया है। जब उनसे पूछा गया कि प्रस्ताव सम्मेलन में पारित हो जाएगा तब क्या क्या करेंगे, इस पर उनका कहना था कि कलेक्टर और पार्टी के वरिष्ठ नेता, जिला अध्यक्ष, विधायक और सांसद इस संबंध में निर्णय लेंगे। सम्मेलन में प्रस्ताव पारित हो जाने पर 323 के अंतर्गत कार्रवाई की मांग करूंगी। पत्रकार वार्ता के दौरान धर्मेश पुरोहित, शशि कल्याणी, रामचंद्र धनगर, दुर्गा शंकर, राकेश किलोरिया, विष्णु राठौर, अरुण प्रजापति आदि मौजूद रहे।
नगर पालिका अध्यक्ष की इस प्रेस कांफ्रेंस के बाद भाजपा जिला अध्यक्ष पवन पाटीदार ने पार्षद गणों से चर्चा की। इस चर्चा के बाद कल आयोजित होने वाले सम्मेलन को निरस्त करने का निर्णय लिया गया। उक्त जानकारी भाजपा जिलाध्यक्ष पवन पाटीदार ने दी।