नीमच। भोपाल-देवास टोल रोड पर टोल वसूली में बड़े खेल का खुलासा हुआ है। पुरानी टोल कंपनी ने 12 साल तक टोल वसूली के बाद 2020 में 1200 करोड़ रुपए में यह सड़क एक नई कंपनी को सौंप दी। नई कंपनी ने चार साल में 800 करोड़ रुपए से ज्यादा वसूल कर लिए हैं और अब 2033 तक हर साल 280 करोड़ रुपए की वसूली करेगी।
यह जानकारी भाजपा विधायक दिलीप परिहार के सवाल के जवाब में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने दी। मंत्री ने बताया कि भोपाल-देवास मार्ग पर हर साल 280 करोड़ रुपए टोल वसूला जा रहा है, जिसमें हर साल 7 प्रतिशत वृद्धि और वाहनों की संख्या में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी का अनुमान है। सरकार ने कंपनी को अतिरिक्त 280 दिन टोल वसूलने की अनुमति देकर टोल अवधि 31 दिसंबर 2033 कर दी है।
लागत से कई गुना वसूली पर सरकार को प्रीमियम नहीं-
भोपाल-देवास टोल रोड 2009 में 345.46 करोड़ की लागत से शुरू हुआ था। कंपनी ने घाटा बताते हुए 81 करोड़ का वाइबिलिटी गेप फंड (वीजीएफ) भी सरकार से लिया। 2020 तक कंपनी ने 1100 करोड़ रुपए से अधिक वसूले, लेकिन सरकार को प्रीमियम नहीं मिला।