बुरहानपुर। मध्य प्रदेश में विकास कार्यों के नाम पर बस करप्शन हो रहा है. ऊपर से लेकर नीचे तक का सिस्टम भ्रष्ट हो चुका है. ताजा मामला बुरहानपुर जिले से सामने आया है। जहां कागजों में ही सड़क निर्माण दिखाकर लाखों रुपये निकाल लिए गए. लेकिन जमीनी स्तर पर सड़क का नामो निशान नहीं है. मामला ग्राम पंचायत तारापाटी का है।
शिकायतकर्ता अनिल पान पाटिल का कहना है कि ग्राम पंचायत तारपाटी में 2021 में सड़क निर्माण का काम शुरू हुथा। लेकिन ज तक यहां एक कुदाली भी नहीं चलाई गई है. निर्माण कार्य के नाम पर 50 लाख रुपए में से 18 लाख पंचायत द्वारा निकाल लिए गए. ग्रामीणों ने भी आरोप लगाए हैं कि गांव में ग्रेवल रोड का निर्माण करना था. लेकिन आज तक कोई कार्य नहीं हुआ. ऐसे में उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. पंचायत और जिला प्रशासन को कई बार शिकायत करने के बाद भी कोई कार्यवाही नही हो रही है, प्रशासन भी कुम्भकर्ण की नींद सोया हुआ है।
इधर, शिकायत करने के बाद पंचायत सचिव और सरपंच ने आनन-फानन में सड़क निर्माण का काम शुरू करवाने के लिए जेसीबी भी मौके पर भेज दिया. लेकिन आक्रोशित ग्रामीणों ने जेसीबी से हो रहे काम को रुकवा दिया और विरोध करने लगे। क्योंकि यह कार्य रोजगार गारंटी के तहत होना था। जिसमें ग्रामीणों को रोजगार देना था। लेकिन भ्रष्टाचार छुपाने के लिए जेसीबी से काम करवाया जा रहा था। इस मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की गई है।
इस मामले में इंजीनियर, सचिव और इंजीनियर कुछ भी कहने से बच रहे हैं। वहीं जनपद पंचायत सीईओ दुर्गेश भूमरकर ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। इसमें टीम गठित कर मामले की जांच की जाएगी और जो भी दोषी पाए जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।