नीमच। शहर के महू-नसीराबाद हाईवे स्थित चंगेरा मंडी में आज मंगलवार को अवकाश के बाद भी किसानों की उपज की नीलामी हुई। सोमवार को प्याज मंडी परिसर में उपज बचने के बाद मंडी प्रशासन ने मकर संक्रांति के अवकाश बावजूद उपज की नीलामी करने का निर्णय लिया था। लेकिन व्यापारियों की मनमानी व तानाशाही के चलते किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार आज मंगलवार को सुबह 11 बजे मंडी में नीलामी का कार्य शुरू हुआ। प्याज मंडी में किसानों की उपज की नीलामी शुरू होते ही व्यापारियों की तानाशाही देखने को मिली। सोमवार को नीलामी का कार्य खत्म होने के बाद 4 हजार कट्टे बच गए थे। इस पर किसानों की परेशानी को देखते हुए मंडी प्रशासन ने व्यापारियों की सहमति के बाद मंगलवार को नीलामी का कार्य पूर्ण करने का निर्णय लिया था। निर्णय के अनुसार आज चंगेरा मंडी में सुबह 11 बजे नीलामी का कार्य शुरू हुआ। कुछ ही देर में व्यापारियों की मनमानी व तानाशाही के चलते किसानों ने विरोध दर्ज कराया। मंडी गेट बंद कर किसानों ने जय किसान के नारे लगाए। अन्नदाताओं का कहना था कि व्यापारी हम्माल व बाईयां नहीं होने का हवाला देकर नीलामी कार्य को प्रभावित कर रहे हैं। किसानों के प्रदर्शन की भनक लगते ही मंडी सचिव उमेश बसेड़िया व इंस्पेक्टर समीर दास मौके पर पहुंचे। जहां उन्होंने व्यापारियों को समझाइश देने की कोशिश की। इस दौरान व्यापारियों ने अपना ही दुख सुनाना कर दिया कि मंडी परिसर में धूल-मिट्टी उड़ती है, अन्य तरह की परेशानियां भी है। इस पर मंडी सचिव ने व्यापारियों से कहा कि मंडी में धीरे-धीरे सभी व्यवस्थाएं जुटाई जा रही है। जल्द ही आपकी इस समस्या का समाधान भी हो जाएगा।

इस दौरान अन्नदाताओं का कहना था कि व्यापारियों का पेट दुख रहा था और वह सिर दुखना बता रहे थे। खुद की समस्या के लिए मंडी में नीलामी का कार्य प्रभावित किया गया। मंडी में आए दिन व्यापारियों की तानाशाही देखने को मिलती है।
