खरगोन। भारतीय पत्रकार संघ ने पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नाम अपर कलेक्टर रेखा राठौर को ज्ञापन सौंपा। भारतीय पत्रकार संघ के अध्यक्ष श्याम कुशवाह की अगुवाई में कलेक्ट्रेट पहुंचे पत्रकारों पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर सांकेतिक प्रदर्शन भी किया। इस दौरान श्याम कुशवाह का कहना था की लोकतंत्र में पत्रकार को चौथा स्तम्भ कहॉ जाता है लेकिन संविधान में कही भी पत्रकारो की लिखित सुरक्षा नहीं है। प्रदेश ही नही देश में आये दिन पत्रकारो पर हंमले हो रहे है। हत्या हो रही है लेकिन सरकार ने पत्रकारो की सुरक्षा को लेकर संवेदनशील नही है। भारतीय पत्रकार संघ की पत्रकारो की सुरक्षा को लेकर चिन्हित है। आर्थिक रूप से भी पत्रकार कमजोर है। सरकार की योजनाओ का लाभ पत्रकारो को नही मिल रहा है। पत्रकारो के स्वास्थ्य को लेकर आयुष्मान कार्ड योजना का लाभ भी पत्रकारो को मिलना चाहिये।
पत्रकार जगत वर्तमान समय में बेहद निराशा जनक समय में अपना दायित्व निभा रहा हैं। देश और प्रदेश में जनहितैषी सरकार का राज है और पत्रकार जगत जनता तथा शासन प्रशासन के बीच जानकारी पहुंचाने का सेतु हैं। इस महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर रहे पत्रकार अपना काम ईमानदारी से करने में घोर परेशानियों का सामना कर रहे हैं। जवाब देही संस्थानों द्वारा संबंधित समाचारों पर कार्यवाही भी नहीं हो पा रही हैं. इसलिए भ्रष्टाचार और चांधली का सिलसिला सर्वत्र व्याप्त हैं और व्यापक होता जा रहा हैं। एसोसिएशन ऑफ इंडियन जर्नलिस्ट (भारतीय पत्रकार संघ एआईजी) विगत 11 वर्षों से पत्रकार जगत के हितार्थ समर्पित कार्य कर रहा हैं। देश भर में इस संगठन की शाखाएँ हैं। आप सरकार से हमारा विनम्म आयह है कि वर्तमान परिदृश्य में पत्रकारों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अपने मौलिक अधिकार का प्रयोग करने के लिए हिंसा और धमकी सामान्य बात होती जा रही है। पत्रकारों को जिन खतरों का सामना करना पड़ता है, उनमें अपहरण, बंधक बनाना, ऑफलाइन और ऑनलाइ उत्पीड़न, धमकी, जबरन गायब कर दिया जाना, मनमाने ढंग से हिरासत में रखना और यातना शामिल हैं. कई पत्रकारों की हत्या भी हो गई हैं। महिला पत्रकारों को भी विशेष खतरों का सामना करना पड़ता है। पत्रकारों और विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के तथा महिला पत्रकारों को ऑनलाइन दुव्यवहार और उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है, जैसे कि अमद्र भाषा, फर्जी अपराध कायम करना, साइबर धमकी, साइबर स्टॉकिंग, डॉक्सिंग, ट्रोलिंग, सार्वजनिक रूप से शर्मसार करना, अपमानित करना, बहिष्कार करना आदि सामान्य बात होने लगी हैं, कृपया पत्रकारों के निर्वाच कर्तव्य पूर्ति की सुरक्षा हेतु पत्रकार संरक्षण कानून का निर्माण त्वरित कर इसे देश भर में लागू करने का विनम्र आग्रह हैं।