चित्तौड़गढ़। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में चल रहे शताब्दी वर्ष कार्यक्रमों के तहत मंगलवार को शहर में युवाओं से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। ‘युवा सृजन’ कार्यक्रम में युवाओं को राष्ट्र निर्माण, सामाजिक समरसता, स्वदेशी, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्यों को लेकर मार्गदर्शन दिया गया।
कार्यक्रम में युवा उद्यमी सुयश तोषनीवाल मुख्य अतिथि और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह प्रांत प्रचारक डॉ. धर्मेंद्र सिंह मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद रहे।
‘युवा शक्ति मिसाइल जैसी, सही दिशा जरूरी’
डॉ. धर्मेंद्र सिंह ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा शक्ति एक मिसाइल की तरह है। युवाओं को ‘गाइडेड मिसाइल’ बनना चाहिए, ताकि वे सही दिशा और लक्ष्य के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकें। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे दिशाहीन होने के बजाय अपने जीवन का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करें और देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं।
उन्होंने कहा कि भारत की स्वतंत्रता लाखों लोगों के बलिदान और लंबे संघर्ष के बाद मिली है। इसलिए स्वतंत्रता के साथ-साथ सार्वजनिक संपत्ति और राष्ट्र के प्रति अपने नागरिक कर्तव्यों का सम्मान करना भी जरूरी है।
डॉ. सिंह ने युवाओं को ‘यंग यूथ फॉर भारत’ के संकल्प से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि युवा चाहे ळमदर्- कहलाएं या ळमद-।सचीं, उनकी पहचान राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले युवा के रूप में होनी चाहिए।
समाज परिवर्तन के पांच सूत्र बताए
डॉ. धर्मेंद्र सिंह ने समाज परिवर्तन के पांच प्रमुख सूत्रों पर भी विस्तार से चर्चा की। इनमें संविधान और सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, पारिवारिक प्रबोधन, स्वत्व एवं स्वदेशी और नागरिक कर्तव्य शामिल रहे।
उन्होंने ‘हम भारत के लोग’ की भावना के साथ समाज से भेदभाव और अस्पृश्यता समाप्त करने की बात कही। पर्यावरण संरक्षण के लिए पेड़ लगाने, पानी बचाने और प्लास्टिक मुक्त जीवन अपनाने का संदेश दिया। परिवार में संस्कार, संवाद और महिलाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।
उन्होंने युवाओं से अपनी भाषा, संस्कृति और स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने तथा देश के गौरवशाली अतीत से जुड़े रहने का आह्वान किया।
महिलाओं को सम्मान और सुरक्षा देने पर जोर
महिलाओं की समानता और वैचारिक स्वतंत्रता से जुड़े सवाल पर डॉ. धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि भारत में नारी शक्ति का योगदान लगातार बढ़ रहा है और महिलाएं विज्ञान, सेना सहित विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को दया नहीं, बल्कि समाज में उचित सम्मान और सुरक्षा मिलनी चाहिए।
मुख्य अतिथि सुयश तोषनीवाल ने कहा कि नारी शक्ति को अपनी क्षमता पहचाननी चाहिए। एक महिला आने वाली पीढ़ी के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने युवतियों से अपनी शक्ति और सामर्थ्य को पहचानने का आह्वान किया।
चिकित्सा क्षेत्र के युवाओं ने साझा किए सुझाव
सांवरिया जी चिकित्सालय सभागार में चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े युवाओं के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें मुख्य अतिथि डॉ. दिनेश वैष्णव रहे। चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े युवाओं ने अपनी समस्याएं रखने के साथ-साथ उनके समाधान को लेकर सुझाव भी साझा किए।
अभियंता संगम ने किया युवा संवाद
राजकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय चित्तौड़गढ़ में अभियंता संगम की ओर से युवा संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। सेवानिवृत्त अधिशासी अभियंता महेंद्र शर्मा ने युवाओं को तकनीकी क्षेत्र में राष्ट्रवाद की भावना के साथ कार्य करने के लिए मार्गदर्शन दिया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला व्यवस्था प्रमुख एवं उद्यमी राजेश कांकड़दा ने युवा अभियंताओं को निरंतर नई तकनीक सीखने और नए उद्यमों के माध्यम से रोजगार सृजन में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में अभियंता संगम चित्तौड़गढ़ से सुमंत शर्मा, श्रीकांत और अक्षय सहित अन्य लोग मौजूद रहे। युवा अभियंताओं की तकनीकी और समसामयिक विषयों से जुड़ी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। कॉलेज प्राचार्य एवं मैकेनिकल विभागाध्यक्ष रोहित ने सत्र के समापन पर युवाओं को रचनात्मक कार्यों में अधिक से अधिक भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
युवाओं से चर्चा में सामने आए समाज के पतन के कारण
शाम को विभिन्न जातीय और बिरादरी के युवा कार्यकर्ता भारत बाग में एकत्रित हुए। यहां डॉ. धर्मेंद्र सिंह के साथ समाज के पतन और भारत के पिछड़ने के कारणों पर चर्चा हुई।
उन्होंने आत्म-विस्मृति, आत्म-केंद्रित सोच और अनुशासन एवं संगठन की कमी को प्रमुख कारणों के रूप में बताया। उन्होंने कहा कि समाज में जाति, ऊंच-नीच और अमीर-गरीब के आधार पर विभाजन से सामाजिक एकता कमजोर होती है। राष्ट्र और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना तथा संगठन और अनुशासन को मजबूत करने की आवश्यकता है।
नशामुक्ति का युवाओं से आह्वान
युवाओं के साथ संवाद के दौरान नशे की बढ़ती समस्या पर भी चर्चा हुई। डॉ. धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि नशे की लत परिवार और समाज दोनों के लिए गंभीर चुनौती बन रही है। उन्होंने युवाओं से नशामुक्त जीवन जीने और अपने मोहल्ले तथा गांव को भी नशामुक्त बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
पूरे दिन आयोजित कार्यक्रमों में युवाओं को राष्ट्र निर्माण के साथ सामाजिक जिम्मेदारियों, तकनीकी विकास, उद्यमिता, नशामुक्ति और सकारात्मक सोच के लिए प्रेरित किया गया।