शाजापुर। समान नागरिक संहिता (UCC) बिल को लेकर शाजापुर में विरोध के स्वर तेज होते नजर आ रहे हैं। इसी कड़ी में मुस्लिम समाज की महिलाओं सहित बड़ी संख्या में समाजजन एकत्रित हुए और राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर प्रस्तावित UCC बिल पर आपत्ति जताई।
धार्मिक स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों का हवाला
समाजजन नीलोफर शेख ने कहा कि भारत की सामाजिक और कानूनी व्यवस्था देश की विविध धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं पर आधारित है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 44 का हवाला देते हुए कहा कि समान नागरिक संहिता का उल्लेख नीति निर्देशक तत्व के रूप में किया गया है, जबकि धार्मिक स्वतंत्रता सहित नागरिकों के मौलिक अधिकार संविधान के तहत संरक्षित हैं।
ज्ञापन में समाज की ओर से आशंका जताई गई कि प्रस्तावित UCC कानून का विभिन्न समुदायों के व्यक्तिगत कानूनों और उनकी धार्मिक स्वतंत्रता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसी को लेकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई गई।
इस दौरान मुस्लिम समाज की महिलाएं और समाजजन बड़ी संख्या में मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से प्रस्तावित कानून के प्रावधानों पर समुदाय की चिंताओं को गंभीरता से विचार करने की मांग की।