मामला शहडोल जिले के माता शबरी कन्या शिक्षा परिसर, सोहागपुर-कंचनपुर का बताया जा रहा है। छात्राओं के अचानक हॉस्टल से बाहर निकलने की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। छात्राओं को रोकने और उनसे बातचीत करने के लिए आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त आनंद राय सिन्हा, एसडीएम सहित अन्य अधिकारी उनके पीछे-पीछे पहुंचते नजर आए।
अधिकारियों ने छात्राओं को समझाने और उनकी समस्याएं जानने का प्रयास किया, लेकिन छात्राएं सीधे कलेक्टर से मिलने की मांग पर अड़ी रहीं। छात्राओं का कहना था कि वे अपनी बात कलेक्टर के सामने ही रखना चाहती हैं।
छात्राओं के इस तरह हॉस्टल से बाहर निकलकर कलेक्टर कार्यालय की ओर जाने के बाद छात्रावास की व्यवस्थाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि इससे पहले भी छात्राएं हॉस्टल से निकलकर अपनी समस्याएं लेकर कलेक्टर से मिलने पहुंच चुकी हैं।
मामले को लेकर कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने बताया कि कुछ समस्याओं को लेकर छात्राएं बाहर निकली हैं। फिलहाल छात्राओं ने अपनी समस्या स्पष्ट रूप से नहीं बताई है। एसडीएम और सहायक आयुक्त छात्राओं से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानने का प्रयास कर रहे हैं।
कलेक्टर ने कहा कि छात्राओं की शिकायत सामने आने के बाद मामले की जांच कराई जाएगी और तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। अब सवाल यह है कि आखिर छात्राओं की ऐसी कौन-सी परेशानी है, जिसके चलते उन्हें हॉस्टल से निकलकर सीधे कलेक्टर से मिलने के लिए मजबूर होना पड़ा।