सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले से बच्चों की सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करने वाली तस्वीर सामने आई है। चितरंगी जनपद पंचायत क्षेत्र की ग्राम पंचायत पराई के सुखारा टोला में करीब 100 स्कूली बच्चे बारिश के दौरान उफनती नदी पार कर स्कूल जाने को मजबूर हैं। खास बात यह है कि यह क्षेत्र राज्यमंत्री के गृह ग्राम क्षेत्र में आता है, इसके बावजूद बच्चों की सुरक्षा के लिए अब तक कोई ठोस वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है।
तेज बहाव के बीच नदी पार करते हैं बच्चे
सुखारा टोला से पराई स्थित स्कूल तक पहुंचने के लिए बच्चों के पास यही मुख्य रास्ता बताया जा रहा है। बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ने से तेज बहाव के बीच छोटे-छोटे बच्चों को नदी पार करनी पड़ती है। ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह रास्ता केवल स्कूली बच्चों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे गांव के आवागमन का प्रमुख मार्ग है। नदी में पानी बढ़ने के बाद मरीजों को अस्पताल पहुंचाने से लेकर रोजमर्रा के जरूरी कामों तक में ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
हादसे के बाद जागेगा प्रशासन?
ग्रामीणों का आरोप है कि करीब 100 बच्चे रोज जान जोखिम में डालकर नदी पार कर रहे हैं, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से न तो कोई वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराया गया और न ही बच्चों की सुरक्षा के लिए कोई विशेष इंतजाम किए गए हैं।
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से तत्काल मौके का निरीक्षण कराने, बच्चों के लिए सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था करने और नदी पर स्थायी पुल का निर्माण कराने की मांग की है। अब सवाल यह है कि प्रशासन किसी हादसे का इंतजार करेगा या उससे पहले ही बच्चों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाएगा।